Drishyam 3 Review में अजय देवगन, जयदीप अहलावत और तब्बू की जोड़ी ने सस्पेंस को नई ऊंचाई दी है। जानिए फिल्म की कहानी, क्लाइमेक्स और खास बातें।
Drishyam 3 Review रांची: अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म दृश्यम 3 को लेकर सामने आए रिव्यू में इसे एक दमदार सस्पेंस थ्रिलर बताया गया है। रिव्यू के मुताबिक फिल्म पिछली फिल्मों से अलग अंदाज में आगे बढ़ती है और कहानी को एक नए मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश करती है। खास बात यह है कि फिल्म में अजय देवगन के साथ जयदीप अहलावत की एंट्री कहानी में नया तनाव पैदा करती है।
दृश्यम 3 पिछली फिल्मों की तरह केवल फैमिली ड्रामा पर निर्भर नहीं है, बल्कि शुरुआत से ही सस्पेंस और थ्रिल को केंद्र में रखती है। फिल्म की कहानी विजय और उसके परिवार के सामने एक बार फिर पुराने मामले को खड़ा करती है।
Drishyam 3 Review: जयदीप अहलावत की एंट्री से बदल जाता है पूरा खेल
दृश्यम 3 में जयदीप अहलावत की एंट्री को कहानी का बड़ा एक्स फैक्टर है। उनका किरदार विजय और उसके परिवार के सामने एक नई चुनौती के रूप में आता है उनके किरदार के पास पुराने मामले से जुड़े कई ऐसे सबूत हैं, जो विजय की वर्षों से बनाई गई रणनीति को मुश्किल में डाल सकते हैं।
फिल्म में पुलिस और विजय के बीच टकराव भी पहले से अलग दिखाई देता है। जहां पिछली फिल्मों में विजय पुलिस की जांच से अपने परिवार को बचाता नजर आया था, वहीं इस बार कहानी में जांच का दायरा और बड़ा हो जाता है।
जयदीप अहलावत के डायलॉग और स्क्रीन प्रेजेंस की भी तारीफ की गई है। उनके किरदार के आने के बाद कहानी में लगातार नए सवाल और ट्विस्ट पैदा होते हैं।
Key Highlights
- अजय देवगन विजय के किरदार में एक बार फिर नजर आते हैं।
- जयदीप अहलावत की एंट्री कहानी में नया ट्विस्ट और तनाव पैदा करती है।
- तब्बू और अजय देवगन के बीच टकराव फिल्म की अहम कड़ी है।
- सेकंड हाफ और क्लाइमेक्स में कई बड़े सस्पेंस और ट्विस्ट होने का दावा किया गया है।
- रिव्यू में फिल्म को 2026 की चर्चित सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में शामिल किया गया है।
Drishyam 3 Review: अजय देवगन और तब्बू की जोड़ी फिर आमने-सामने
दृश्यम फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी खासियत अजय देवगन और तब्बू के किरदारों के बीच टकराव रहा है। तीसरे भाग में भी यह टकराव कहानी का अहम हिस्सा बताया गया है। फिल्म के शुरुआती हिस्से में अजय देवगन को अपेक्षाकृत कम स्क्रीन टाइम मिलता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उनका किरदार प्रभावी होता जाता है।
तब्बू के किरदार के साथ विजय का टकराव एक बार फिर कहानी को कोर्ट और जांच की दिशा में ले जाता है। वहीं गायतोंडे का किरदार भी वापसी करता है और इस बार उसके जरिए गंभीर घटनाओं के बीच हास्य का पुट देने की कोशिश की गई है।
फिल्म में केवल अजय देवगन और तब्बू ही नहीं, बल्कि सपोर्टिंग किरदारों को भी कहानी के ट्विस्ट से जोड़ा गया है। यही वजह है कि फिल्म को वन-मैन शो के बजाय टीम आधारित थ्रिलर के तौर पर पेश किए जाने की बात कही गई है।
Drishyam 3 Review: सेकंड हाफ और क्लाइमेक्स में बड़े ट्विस्ट
रिव्यू के मुताबिक फिल्म का दूसरा भाग कोर्ट केस और लगातार बदलती परिस्थितियों पर केंद्रित है। कहानी को शतरंज की चाल की तरह आगे बढ़ाया गया है, जहां दर्शक लगातार यह अनुमान लगाने की कोशिश करता है कि आखिर किसके हाथ बाजी जाएगी।
फिल्म के अंतिम हिस्से को सबसे बड़ा आकर्षण बताया गया है। आखिरी 15 मिनट में कहानी में ऐसे बदलाव आते हैं, जिन्हें दर्शक आसानी से अनुमान नहीं लगा सकता। अंतिम कुछ मिनटों में कहानी का नजरिया बदलने वाला ट्विस्ट भी फिल्म की प्रमुख खासियत बताया गया है।
फिल्म में पिछली कहानी को दोहराने के बजाय उसे आगे बढ़ाकर उसके निष्कर्ष तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।


















