SBI Research के अनुसार सितंबर में खुदरा महंगाई 5.65% और अक्टूबर-नवंबर में 6.5% से अधिक हो सकती है। RBI अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ा सकता है।
Inflation Update नयी दिल्ली: देश में महंगाई का दबाव आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है। SBI Research ने अनुमान जताया है कि सितंबर में खुदरा महंगाई बढ़कर करीब 5.65 प्रतिशत हो सकती है। वहीं अक्टूबर और नवंबर में यह 6.5 प्रतिशत से अधिक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 की शुरुआत में महंगाई फिर छह प्रतिशत से नीचे आ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली मौद्रिक नीति बैठक के बाद महंगाई का दबाव व्यापक हुआ है। कमजोर रुपये और वैश्विक आर्थिक जोखिम भी अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बढ़ा रहे हैं।
Inflation Update:RBI अक्टूबर में बढ़ा सकता है रेपो रेट
SBI Research के अनुसार बढ़ती महंगाई, वैश्विक जोखिम और रुपये पर दबाव को देखते हुए RBI अक्टूबर की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कम से कम 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। फिलहाल रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है।
RBI की मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच होगी। बैठक में महंगाई और आर्थिक विकास के ताजा आंकड़ों की समीक्षा के बाद नीतिगत दर पर फैसला किया जायेगा।
Key Highlights
- सितंबर में खुदरा महंगाई 5.65 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान।
- अक्टूबर और नवंबर में महंगाई 6.5 प्रतिशत से अधिक हो सकती है।
- SBI Research ने अक्टूबर में 0.25 प्रतिशत रेपो रेट बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।
- फिलहाल RBI का रेपो रेट 5.25 प्रतिशत है।
- 2027 की शुरुआत में महंगाई छह प्रतिशत से नीचे आने का अनुमान है।
Inflation Update:अगस्त के बाद बढ़ा महंगाई का दायरा
अगस्त में खुदरा महंगाई जुलाई के 4.45 प्रतिशत से बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गयी थी। SBI Research के मुताबिक महंगाई का दबाव अब पहले की तुलना में अधिक वस्तुओं तक फैल गया है। जनवरी में खुदरा महंगाई में 90 प्रतिशत योगदान देने वाली वस्तुओं की संख्या 22 थी, जो अगस्त में बढ़कर 51 हो गयी।
रिपोर्ट के अनुसार, अगर कीमतों का दबाव आगे भी व्यापक होता है तो RBI को अपनी मौद्रिक नीति में बदलाव पर विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, अक्टूबर की बैठक में अंतिम फैसला RBI की MPC ही करेगी।
Inflation Update:कमजोर मानसून से खाद्य महंगाई का खतरा
SBI Research ने कमजोर मानसून को भी महंगाई के लिहाज से चिंता का कारण बताया है। रिपोर्ट के अनुसार 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून दीर्घकालिक औसत का करीब 87 प्रतिशत रहा और 43 प्रतिशत जिलों में बारिश सामान्य से कम रही।
अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश और अल नीनो की स्थिति का रबी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जतायी गयी है। इससे आने वाले महीनों में खाद्य महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में RBI वित्त वर्ष 2026-27 के GDP वृद्धि अनुमान में करीब 0.30 प्रतिशत और महंगाई अनुमान में 0.20 प्रतिशत का बदलाव कर सकता है।

















