Bihar Seva Sankalp Competition, पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को पटना के बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन किया। ‘सेवा ही संकल्प’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के नायक और महानायक हैं। ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी के साथ बिहार के देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने की बात कही गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, विचारों और संकल्प को बिहार तथा देश के भविष्य के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए उन्हें बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों को राज्य की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

विद्यार्थी साथी ऐप से ऑनलाइन पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी देर रात तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं और NEET तथा JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रात एक बजे तक पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1.42 लाख है। शनिवार और रविवार को यह संख्या करीब पौने दो लाख तक पहुंच जाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये आंकड़े विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि को दर्शाते हैं। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए TRE-4 के माध्यम से करीब 33 हजार शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। साथ ही, उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान कर उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की दिशा में काम करने की बात कही।

एक करोड़ विद्यार्थियों को पोशाक उपलब्ध कराने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीविका दीदियों के माध्यम से लगभग एक करोड़ स्कूली बच्चों को पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसके तहत बच्चों के लिए पोशाक सिलवाकर सीधे उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को समय पर पोशाक मिलने के साथ जीविका दीदियों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने ‘सेवा संकल्प’ और ‘कायाकल्प’ अभियान के जरिए सरकारी विद्यालयों में रंगाई-पुताई, मरम्मत, पंखों की मरम्मत और अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त करने की बात कही। सरकार का लक्ष्य विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
शिक्षा पर खर्च और उच्च शिक्षा के विस्तार का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने लगभग 3.47 लाख करोड़ रुपये के बजट में से करीब 78 हजार करोड़ रुपये शिक्षा विभाग पर खर्च कर रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए जुलाई 2026 में 211 स्थानों पर नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था की गई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की सुविधाएं बेहतर बनाने, योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राज्यस्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी। समारोह में उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, शिक्षा विभाग और केंद्र सरकार के अधिकारी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रतियोगिता के आठ विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया।


















