
Seva Sankalp Abhiyan Bihar, पटना: बिहार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से शुरू होगा और 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के तहत जनभागीदारी के माध्यम से सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलाया जाएगा। इन दोनों अभियानों की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दोनों अभियानों से संबंधित कार्ययोजना और तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे 13 प्रमुख कार्यक्रम
मुख्य सचिव ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच 13 महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इसके तहत बिहार के सभी जिलों, अनुमंडलों, प्रखंडों, पंचायतों और बूथ स्तर पर दीपोत्सव आयोजित करने की योजना है। ‘सेवा क्षेत्र’ कार्यक्रम के तहत 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सरकारी और निजी विद्यालयों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। ‘सेवा स्मरण’ के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर संगीत और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिनों तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों के सम्मान के साथ बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी।
स्वच्छता से लेकर ‘हैकाथॉन’ तक कई गतिविधियां
अभियान में ‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम भी शामिल है। इसके तहत 25 लाख लोगों के अनुभवों को रील्स और वीडियो के माध्यम से साझा करने की योजना बताई गई है। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत सेवा ज्योति और मशाल के साथ यात्राएं निकाली जाएंगी। वहीं ‘वडनगर से वाराणसी’ कार्यक्रम के तहत ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ निकालने की योजना है। इसके अलावा ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक स्वच्छता, विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़ी 25 प्रकार की सेवा गतिविधियां आयोजित होंगी। ‘सेवा सेतु अभियान सरकार आपके द्वार’ के तहत 6 अक्टूबर को पूरे बिहार में प्रखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पहले से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं से संबंधित आवेदनों के निष्पादन के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा ‘सेवा के रंग-रंगोली’, ‘हैकाथॉन एवं इनोवेशन चैलेंज’, ‘जनसेवक महाकुंभ पंचायत से पार्लियामेंट’ और ‘25 साल की 25 कहानियां-राष्ट्रीय अनबॉक्सिंग’ जैसे कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

31 मार्च 2027 तक चलेगा कायाकल्प अभियान
‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत दो प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। पहला, पहले से मौजूद परिसंपत्तियों का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मत तथा दूसरा, नई आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों का निर्माण। पुरानी परिसंपत्तियों से जुड़े साफ-सफाई, रंग-रोगन, रखरखाव, पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाओं से संबंधित कार्यों को 30 नवंबर 2028 तक पूरा करने की बात बताई गई है। वहीं नई आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य 31 मार्च 2027 रखा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की पहचान ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुसार की जाएगी। बैठक में वित्तीय संसाधनों, विभागवार कार्यों और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

पंचायतों में विकास कार्यों पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थानों पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को कार्यक्रमों की तैयारी समय पर पूरी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा को देखते हुए साफ-सफाई, वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर जैसी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। दीपावली से पहले छोटे लंबित कार्यों को पूरा कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों, हेल्थ सेंटर और विद्यालयों में रंगाई-पुताई कराने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक पंचायत से 10 योजनाओं की पहचान कर उन्हें पूरा कराने पर भी जोर दिया। पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, हेल्थ सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्रों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जहां भवन निर्माण की जरूरत है, वहां निर्माण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का अर्थ जनता के हित में काम करना है और योजनाओं का कायाकल्प ही सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर विकास कार्य सुनिश्चित होने से बिहार के विकास को गति मिलेगी।




