Reliance Industries Q2 Results 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए अब तक का सबसे अधिक तिमाही शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू पहली बार 3.62 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया। जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार के दमदार प्रदर्शन ने कंपनी के वित्तीय नतीजों को नई ऊंचाई दी है।
पहली बार 3.62 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा ग्रॉस रेवेन्यू
रिलायंस इंडस्ट्रीज का ग्रॉस रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3,62,268 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भी 23.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 62,409 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद रिलायंस ने अपने विभिन्न कारोबारों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुनाफे और राजस्व दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
ऑयल-केमिकल कारोबार का EBITDA 68 फीसदी बढ़ा
रिलायंस के शानदार नतीजों में ऑयल-केमिकल यानी O2C कारोबार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कारोबार का EBITDA पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 67.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, O2C कारोबार का रेवेन्यू 44.2 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। परिवहन ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन में तेज बढ़ोतरी और पॉलिएस्टर कारोबार के मार्जिन का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस शानदार प्रदर्शन की प्रमुख वजहें रहीं।
कच्चे तेल की आपूर्ति में चुनौतियों के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में आई चुनौतियों के बीच भी रिलायंस ने अपनी रिफाइनिंग गतिविधियों को मजबूती से जारी रखा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान के बावजूद कंपनी ने लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र सहित विभिन्न स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की। कंपनी ने रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया, जिससे घरेलू ईंधन की मांग पूरी करने में मदद मिली। इस रणनीति ने वैश्विक आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच कंपनी के परिचालन को मजबूती प्रदान की।
जियो और रिलायंस रिटेल का भी बेहतर प्रदर्शन
रिलायंस के डिजिटल और रिटेल कारोबार ने भी तिमाही नतीजों में सकारात्मक योगदान दिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान 303 नए स्टोर खोले और डिजिटल कॉमर्स के विस्तार पर अपना ध्यान बनाए रखा। इसके अलावा जियोस्टार के रेवेन्यू में भी वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के विभिन्न कारोबारों में आई मजबूती ने रिलायंस के समग्र वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
न्यू एनर्जी परियोजनाओं में निवेश जारी
रिलायंस का ऑयल एंड गैस कारोबार इस तिमाही में लगभग स्थिर रहा, हालांकि कोल बेड मीथेन (CBM) उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर कंपनी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए न्यू एनर्जी परियोजनाओं में निवेश जारी रखे हुए है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार 50 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सितंबर तिमाही के रिकॉर्ड नतीजे बताते हैं कि जियो, रिटेल और ऑयल-केमिकल कारोबार का मजबूत प्रदर्शन कंपनी की विकास यात्रा को नई गति दे रहा है।
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