Patna– मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक में जातीय जनगणना के लिए आकस्मिकता निधि से 500 करोड़ की राशि प्रदान कर दी गयी है. इस प्रकार जातीय जनगणना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के खजाने से संसाधन उपलब्ध करवा दिया है. हर जिले के जिलाधिकारी को नोडल पदाघिकारी बनाया है, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग इसका नोडल विभाग होगा. फरवरी 2023 तक जातीय जनगणना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
जातीय जनगणना पर दलों में मची श्रेय लेने की होड़
इस बीच जातीय जनगणना पर राजनीति भी तेज हो गई है. राजनीतिक दलों में इसका श्रेय लेने की होड़ मची हुई है. जातीय जनगणना के सर्वदलीय बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने यह कह कर सनसनी फैला दी थी कि जातीय जनगणना के साथ ही लालू यादव का सपना पूरा होने जा रहा है. इस बयान को सामने आते ही भाजपा की ओर से सुशील मोदी सामने आये और राजद पर आरोपों की बौछार कर दी.
सुशील मोदी ने राजद पर आरोपों की झरी लगाते हुए कहा कि यह राजद ही था जिसने पंचायत और नगर निकाय चुनाव में बगैर पिछड़ों के आरक्षण के चुनाव करवाया. आखिर राजद कार्यकाल में पिछड़ों को आरक्षण क्यों नहीं दिया गया.
सुशील कुमार मोदी ने दावा किया कि भाजपा कभी भी जातीय जनगणना के विरोध में नहीं रही. बिहार विधानसभा और विधान परिषद में दो-दो बार भाजपा ने इसके पक्ष में मतदान किया.
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