रांची : रांची हिंसा के आरोपी रिंकू खान उर्फ मोहम्मद आरीफ और एक अन्य को जमानत मिल गई है.
बीजेपी नेता नूपुर शर्मा दिए गए बयान के विरोध में 10 जून को
जुम्मे की नमाज के बाद राजधानी रांची के मेन रोड में उपद्रव, आगजनी
और गोलीकांड के आरोपी रिंकू खान उर्फ मोहम्मद आरीफ और बेलाल अंसारी रांची सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है.
जमानत याचिका पर AJC1 की कोर्ट में सुनवाई हुई.
सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत दी है.
डोरंडा थाने में दर्ज है एफआईआर
बता दें कि डोरंडा थाने में दर्ज एफआईआर कांड संख्या 149/22 में
10 लोगों के खिलाफ नामजद और 27 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया था.
आरोपी मोहम्मद आरिफ पर आईपीसी की धारा 147, 149, 341, 427, 295(A), 120(B) लगाई गई थी.
रांची हिंसा में ये लोग नहीं थे शामिल
रिंकू के अधिवक्ता प्रीत्याशु सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर कर लिया. डोरंडा थाना में जिन लोगों द्वारा एफआईआर दर्ज करवाया गया था. उन लोगों के बीच सुलह हो गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि गलतफहमी में एफआईआर फाइल किया गया था, जो उपद्रव रांची में हुआ था उसमें यह लोग शामिल नहीं थे.
हाईकोर्ट ने एसएसपी के ट्रांसफर पर राज्य सरकार से मांगा जवाब
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने रांची हिंसा की जांच के बीच जिले के एसएसपी का ट्रांसफर करने को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर 10 जून को रांची में हिंसक विरोध प्रदर्शन किए गए थे.
हिंसा में नाबालिग सहित दो युवकों की हो गई थी मौत
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से जवाब मांगा कि 10 जून को राज्य की राजधानी में हिंसक विरोध प्रदर्शन में चल रही जांच के बीच रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा का तबादला क्यों किया गया? हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में एक नाबालिग सहित दो युवकों की मौत हो गई थी और आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए थे.
अदालत ने सरकार से एक सप्ताह के भीतर मांगा जवाब
एनआईए जांच की मांग करने वाले पंकज यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस एस.एन. प्रसाद की बेंच ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है. इस मामले को अगले शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास

















