Jamshedpur- कांग्रेसी सांसद गीता कोड़ा ने कहा है कि
1932 का खतियान लागू के बाद पूरा कोल्हान आग में जल उठेगा
और इसकी जिम्मेवारी सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की होगी.
हेमंत सोरेन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड में सिर्फ 1932 का खतियान चलेगा
या लास्ट सेटलमेंट सर्वे को भी स्वीकार किया जायेगा.
यदि इस मामले का समाधान जल्द नहीं किया गया,
समय रहते इसको स्पष्ट नहीं किया गया तो कोल्हान जलने की पूरी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की होगी.
1967 में हुआ था कोल्हान का लास्ट सेटलमेंट- सांसद गीता कोड़ा
गीता कोड़ा ने कहा कोल्हान का लास्ट सेटलमेंट 1964 और 1967 में हुआ था,
इस प्रकार 1932 के खतियान का हमारे लिए कोई महत्व नहीं है,
इसके लागू होने से इस इलाके के लाखों लोग अपने अधिकारों से वंचित हो जाएंगे.
मधु कोड़ा ने भी किया है 1932 के खतियान का विरोध
यहां बतला दें कि इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद गीता कोड़ा के पति मधु कोड़ा ने भी
इस बात 1932 का खतियान का विरोध करते हुए कहा था
कि 1932 के खतियान से कोल्हान की समस्या का समाधान नहीं होने वाला,
बल्कि कोल्हान में एक नया संकट खड़ हो जायेगा. और अब गीता कोड़ा भी उसी राह पर चल कर इसके विरोध में खड़ी हो गयी है.
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