रांची : झारखंड हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में लातेहार जंगल में दो हाथियों की मौत के मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने जंगल से जानवरों के गायब होने पर कड़ी नाराजगी जताई. अदालत ने कहा कि राज्य में जंतु विहीन जंगल बना दिया गया है. कोर्ट ने कहा कि जंगल में जंतु का न रहना श्रृंगार विहीन जंगल है. इसके बाद अदालत ने इस मामले में फॉरेस्ट सचिव से पूछा कि जानवरों के संरक्षण और उनकी बढ़ोतरी को लेकर सरकार की क्या योजना है,
इसके अलावा अदालत ने सीसीएस से पूछा है कि पिछले 5 सालों में कितने हाथियों की मौत हुई है कितने का पोस्टमार्टम किया गया कितने की विसरा को जांच के लिए भेजा गया और जांच रिपोर्ट मिली या नहीं इस पूरे मसले पर 2 सप्ताह में अदालत में जवाब दाखिल किया जाना है।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने जंगलों में अवैध खनन का मुद्दा उठाया जिस पर कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि जब जंगल में माइनिंग होगी तो वहाँ जानवर कैसे रह सकते हैं.
रिपोर्ट : प्रोजेश


















