विज्ञान और रिफॉर्म से पीछे हटने वाला समाज आगे नहीं बढ़ता, CM Yogi का गूढ़ संदेश

कानपुर : विज्ञान और रिफॉर्म से पीछे हटने वाला समाज आगे नहीं बढ़ता, CM Yogi का गूढ़ संदेश। यूपी के कानपुर नगर में रविवार को रामा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के तृतीय दीक्षान्त समारोह में CM Yogi आदित्यनाथ ने गूढ़ संदेश दिया।

CM Yogi ने कहा कि – ‘जो समाज,  विज्ञान तथा रिफॉर्म से पीछे हटा वह कभी आगे नहीं बढ़ पाया। कोई भी तकनीक या रिफॉर्म आता है, तो पहले उसका विरोध होता है। पहले देश में 2-जी को लेकर विरोध हुआ था। 5-जी को लेकर लोगों में आशंका थी। लोगों ने इसको भी स्वीकार कर लिया।

…अब 6-जी की तैयारी चल रही है। जी का यह सिलसिला कहां तक जाएगा यह देखना होगा। आपको इसके लिए स्वयं को तैयार करना होगा’।

बोले CM Yogi – सन 1999 में देश में टेलीकॉम क्षेत्र में हुई क्रांति

CM Yogi आदित्यनाथ ने आगे कहा कि – ‘देश में टेलीकॉम के क्षेत्र में एक अद्भुत क्रांति आई है। सन् 1947 से 1989 तक देश में केवल आधा प्रतिशत लोगों के पास लैण्डलाइन टेलीफोन की सुविधा थी। प्रयास करने पर यह संख्या दो प्रतिशत तक पहुंच गई। श्रद्धेय अटल जी के नेतृत्व में वर्ष 1999 में रिफॉर्म के लिए कदम उठाए गए।

…आज भारत में 100 करोड़ लोगों के पास स्वयं का स्मार्टफोन है। …1990 के दशक में कम्प्यूटर का जोरदार विरोध हुआ। यह कहा गया कि कम्प्यूटर लोगों का रोजगार छीन लेगा। आज कौन सा ऐसा घर तथा संस्थान है, जहां कम्प्यूटर से काम नहीं किया जा रहा है। प्रदेश सरकार 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट या स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।

…यदि हमारा युवा तकनीकी दृष्टि से सक्षम नहीं होगा, तो चुनौतियों का सामना कैसे करेगा। जब प्रेस आया होगा तो भी लिखने वालों ने विरोध किया होगा कि उनका धन्धा चौपट हो रहा है’।

यूपी के कानपुर में रविवार को संबोधन देते सीएम योगी आदित्यनाथ।
यूपी के कानपुर में रविवार को संबोधन देते सीएम योगी आदित्यनाथ।

CM Yogi बोले – कुछ लोगों के लिए पूरे देश की यात्रा को बाधित नहीं कर सकते…

इसी क्रम में CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘कुछ लोगों के लिए आप पूरे देश या समाज की यात्रा को बाधित नहीं कर सकते। ऐसे ही जब जीपीएस आया तब भी उसका विरोध किया गया। हम तकनीक के क्षेत्र में एक लम्बी यात्रा तय कर चुके हैं। आज चैट जीपीटी के माध्यम से कुछ मिनटों में किसी भी विषय पर आर्टिकल तैयार किया जा सकता है।

…आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपके काम को और आसान बना रहा है। लेकिन यह उतना ही चुनौती पूर्ण भी है। अब ऑटोमेशन, क्रिप्टोकरेंसी, इंटरनेट आफ थिंग्स जैसी अनेक युक्तियां आ चुकी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक तरफ हमारे जीवन को सरल तथा सुगम बनाया लेकिन डीपफेक की समस्या भी हमारे सामने आई।

…अब आवाज और वीडियो की हूबहू नकल करके डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इसके सुरक्षात्मक उपायों तथा नैतिक निहितार्थों के बारे में टेक उपयोगकर्ता के साथ-साथ संस्थानों का भी काम है। हमें सजग होकर लोगों को इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। यदि आपसे कोई बात कही जा रही है, तो उसके क्रॉस वेरीफिकेशन की भी आवश्यकता है।

… हम लोग क्वाण्टम कम्प्यूटिंग के युग में भी प्रवेश कर चुके हैं। कृषि के क्षेत्र में जीन एडिटिंग का कार्य किया जा रहा है। यह यात्रा अनवरत चलती रहेगी। विज्ञान ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की है। हम यदि स्वयं को इससे अलग करते हैं तो स्वयं के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के साथ भी अन्याय होगा। तकनीक जब विस्तार लेती है तो वह कम कीमत पर उपलब्ध हो जाती है’।

कानपुर के दीक्षांत समारोह में सीएम योगी
कानपुर के दीक्षांत समारोह में सीएम योगी

CM Yogi ने बताई सच्चाई – कोविड-19 के दौरान यूपी के 36 जिलों मे आईसीयू बेड भी नहीं था…

इसी क्रम में CM Yogi आदित्यनाथ ने कई रोचक जानकारियां भी साझा कीं। बोले – ‘प्रदेश में वर्ष 1947 से लेकर वर्ष 2017 तक 70 वर्षों में मात्र 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज बने थे। प्रदेश में जब कोविड-19 ने दस्तक दी थी तो राज्य सरकार द्वारा कराई गई स्टडी में पता चला कि प्रदेश के 75 में से 36 जनपदों में आईसीयू का एक भी बेड नहीं था।

…कोविड के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए कार्य प्रारम्भ किए गए। तय किया गया कि हमें मेडिकल कॉलेजों का निर्माण करना पड़ेगा। आज प्रदेश के 75 जनपदों में से मात्र 8 से 10 जनपद ऐसे हैं जहां मेडिकल कॉलेज नहीं है। इनमें चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, संतकबीरनगर तथा श्रावस्ती आदि जनपद सम्मिलित हैं।

…शेष अन्य जनपदों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने नीति तय कर दी है। इसके अन्तर्गत लैण्ड तथा कैपिटल एक्सपेंडिचर में प्रदेश सरकार द्वारा सहयोग किया जा रहा है। राज्य के जिन जनपदों में विश्वविद्यालय नहीं है, यदि वहां निजी क्षेत्र के द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा तो राज्य सरकार इस कार्य में भी सहयोग करेगी।

…इसके माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाई जा सकती है। 70 से 75 एकड़ क्षेत्रफल में प्रतिदिन 1000 या 1500 लोग उपचार की सुविधा प्राप्त करें। 4 हजार से 5 हजार लोग सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें।

…हजारों छात्र-छात्राएं अपने जीवन को सजाने और संवारने के लिए तैयार हो सके। देश को अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छे युवा प्राप्त हो सकें। यह केवल शिक्षा तथा स्वास्थ्य में निवेश से सम्भव हो सकता है, जो रामा विश्वविद्यालय ने यहां पर करके दिखाया है’।

कानपुर में रामा विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रा को सम्मानित करते सीएम योगी।
कानपुर में रामा विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रा को सम्मानित करते सीएम योगी।

CM Yogi बोले – हमें जीवन के हर क्षेत्र में विकास की ओर उन्मुख होना चाहिए

CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘हमें जीवन के हर क्षेत्र में विकास की ओर उन्मुख होना चाहिए। सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के 8 मण्डलों में एक भी विश्वविद्यालय नहीं था। पहले चरण में प्रत्येक मण्डल में सरकारी विश्वविद्यालय खोलने का काम किया गया।

…जिन जनपदों में सरकारी विश्वविद्यालय नहीं है तथा न ही निजी क्षेत्र में कोई विश्वविद्यालय है। एक नीति लाकर तथा इन्सेंटिव देकर वहां नए विश्वविद्यालय बनाने के लिए निजी संस्थानों को प्रेरित किया गया। प्रदेश में निजी क्षेत्र में अब तक ऐसे 26 से अधिक विश्वविद्यालय बने हैं।

ट्रेडीशनल और मॉडर्न मेडिसिन को जोड़कर कैसे आप एक अच्छा कार्य आगे बढ़ा सकते हैं, इस पर व्यापक रूप से विचार करने की आवश्यकता है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए हम दूर-दराज के गांवों में टेली कंसल्टेशन तथा टेली मेडिसिन की सुविधा लोगों को दे सकते हैं। आपका टेक्नीशियन उन गांवों में जाकर लोगों को आपके साथ जोड़ने का कार्य करेगा।

सामान्य मरीजों को आप टेली कंसल्टेशन के माध्यम से देखिए तथा गंभीर मरीजों को अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराइए। इसे अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होगी तथा लोगों को गांवों में ही सुविधा प्राप्त हो सकेगी। इस कार्य में एआई टूल का इस्तेमाल किया जा सकता है’।

कानपुर में रामा विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्र को सम्मानित करते सीएम योगी।
कानपुर में रामा विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रा को सम्मानित करते सीएम योगी।

इन्फोसिस की सुधा मूर्ति को CM Yogi ने प्रदान की डॉक्टर ऑफ साइन्स की मानद उपाधि…

CM Yogi ने इन्फोसिस फाउण्डेशन की सह-संस्थापक श्रीमती सुधा मूर्ति को डॉक्टर ऑफ साइन्स की मानद उपाधि प्रदान की। श्रीमती सुधा मूर्ति की अनुपस्थिति में उनकी ओर से यह उपाधि रामा विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. प्रणव सिंह ने ग्रहण की। उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किये।

इस अवसर पर उन्होंने रामा एजुकेशनल सोसायटी द्वारा नवस्थापित 150 सीटों के डॉ. बीएस कुशवाह आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनपुर, कानपुर का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री  ने स्व. बीएस कुशवाह जी को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया।  मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पूजन किया।

CM Yogi ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि –‘यह क्षण अत्यन्त अभिभूत करने वाला है। कानपुर जनपद के एक अर्द्धविकसित क्षेत्र में जो यात्रा चार दशक पूर्व प्रारम्भ हुई थी तथा जो बीज रोपा गया था, आज वह एक विराट वटवृक्ष बनकर एक विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी ज्ञान, शोध, नवाचार, निवेश तथा रोजगार का बेहतरीन केंद्र बनकर उभरा है। संस्थान में हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कोई संस्थान विकास का माध्यम भी बन सकता है, यह रामा विश्वविद्यालय ने कानपुर के सेमी अर्बन एरिया में साबित करके दिखाया है’।

इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री राकेश सचान, महिला कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जनार्दन अमरनाथ बीजे, कानपुर की महापौर प्रमिला पाण्डे, विधायक सुरेन्द्र मैथानी, महेश त्रिवेदी, अभिजीत सिंह सांगा, राहुल बच्चा सोनकर उपस्थित थे।

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