Patna:-2021 में सम्राट अशोक नाटक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित और भारतीय जनता के जुड़े दया प्रकाश सिन्हा के एक बयान पर बिहार की राजनीति गरम है.
दरअसल दया प्रकाश सिन्हा ने एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में सम्राट अशोक की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से कर एक विवाद को जन्म दे दिया.
बता दें कि जन मानस में औरगंजेब की छवि एक कटरपंथी की रही है, जबकि सम्राट अशोक को परोपकारिता और अहिंसा के उपदेशों के लिए जाना जाता रहा है. कलिंग युद्ध की भयावहता को देखकर सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म अपना लिया था और अपने पुत्रों को बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए लंका भेज दिया था. कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक का जीवन पूरी तरह बदल गया था. सम्राट अशोक ने अपना जीवन शांति और अहिंसा को समर्पित कर दिया था.

लेकिन इस प्रचलित मत के विरोध में जाकर दया प्रकाश सिन्हा ने सम्राट अशोक की तुलना औरगंजेब से कर दी, इसके बाद बिहार की राजनीति में शब्दों के तीर चलने लगें. जगह-जगह विरोध की खबरें आने लगी. खास बात यह है कि एनडीए का घटक दल और बिहार में एनडीए को नेतृत्व प्रदान कर रहा जदयू की ओर से भी दया प्रकाश सिन्हा का विरोध हो रहा है.
जदयू के उपेन्द्र कुशवाहा ने वैशाली से कुम्हरार तक सम्राट अशोक शौर्य यात्रा निकाल कर इस विरोध को और भी धारदार बना दिया है. इधर सम्राट अशोक शौर्य यात्रा में काभी भीड़ उमड़ी, लेकिन कोरोना कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां भी उड़ी.
यहां बता दें कि दया प्रकाश सिन्हा फिलहाल भाजपा से जुड़े हैं और सम्राट अशोक के विरुद्ध टिप्पणी किए जाने से भाजपा के विरुद्ध एक मुद्दा मिल सकता था. क्योंकि जदयू का आधार वोट माना जाता रहा कोयरी-कुशवाहा जाति अपने आप को सम्राट अशोक से जोड़ कर देखती रही है. इसमें सच्चाई कितनी है वह तो बहस का विषय हो सकता है, लेकिन भाजपा को इसका नुकसान होना तय था.
यही कारण है कि भाजपा ने बिना देरी किए दया प्रकाश सिन्हा के विरुद्द प्राथमिकी दर्ज करवा कर इस बयान से अपना पल्ला झाड़ने का बंदोवस्त कर लिया.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए लिखा है कि दया प्रकाश सिन्हा ने निजी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में बिहार के गौरव सम्राट अशोक के संबंध में गलत बातें कही है, उनका कहना था कि अशोक एक बदसूरत इंसान थे. सत्ता पाने के लिए मुगल शासक औरंगजेब की ही तरह अपने परिजनों को कष्ट दिया और अपनी पत्नी की जलाकर हत्या की. इसके साथ ही सम्राट अशोक के चरित्र पर भी सवाल उठाया गया है. इसके साथ ही संजय जायसवाल ने आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह कर दिया.
रिपोर्ट- उमेश चौबे

















