रांची: उत्पाद विभाग कार्यालय के बाथरूम में हुए नीतेश विश्वकर्मा की संदेहास्पद मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दो दारोगा का जिला ट्रांसफर किया गया है।
दारोगा पंकज कुमार और ललित सोरेन पर नियम विरुद्ध छापेमारी करने का आरोप लगा था। इसके बाद दोनों से स्पष्टीकरण मांगते हुए लाइन हाजिर किया गया था। दारोगा ललित सोरेन को पलामू, जबकि पंकज कुमार को साहेबगंज ट्रांसफर किया गया है। इससे संबंधित आदेश
जारी कर दिया गया है। मालूम हो कि 6 जनवरी की सुबह लगभग 7 बजे उत्पाद विभाग के दारोगा पंकज कुमार व ललित सोरेन ने डंगराटोली में छापेमारी की थी।
नीतेश सहित 8 युवकों को पकड़ कर कांके रोड स्थित उत्पाद विभाग के ऑफिस लाया गया था। कुछ घंटे बाद ही नीतेश की संदेहास्पद मौत हो गई थी। उसकी मौत बाद उत्पाद विभाग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने का दावा किया था। वहीं पीड़ित परिजनों ने हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
नीतेश की मौत के बाद परिजनों ने दारोगा पंकज कुमार, ललित सोरेन और रूपेश सिंह के अलावा सिपाही रवि कुमार पर नियम विरुद्ध कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
जिसके बाद सहायक उत्पाद आयुक्त ने सभी को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। उत्पाद की टीम ने भी विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी है। जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो जेल जाना तय माना जा रहा है।
नीतेश के परिजनों ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि 8 युवकों को डंगराटोली चौक के समीप से पकड़ा गया था। उत्पाद ऑफिस में किसी से 10 हजार तो किसी से 20 हजार रुपए की डिमांड की गई।
7 युवकों को पैसा लेकर छोड़ दिया, लेकिन नीतेश 10 हजार रुपए नहीं दे पाया। परिवार वाले पैसे का जुगाड़ कर रहे थे। इस दौरान उत्पाद विभाग के कर्मियों ने ऑफिस में नीतेश को जमकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।

















