खलारी: CISF की सतर्कता से CCL के रोहिणी प्रोजेक्ट में डीजल चोरी की कोशिश नाकाम हो गई। न्यू वर्कशॉप कॉम्प्लेक्स में खड़ी एक मशीन से डीजल चुराने आए चोर शनिवार तड़के मौके से भाग निकले। घटना के बाद CISF ने सर्च ऑपरेशन चलाया और लगभग 70 लीटर डीजल बरामद किया, जिसे बाद में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को सौंप दिया गया।
बोलेरो में आए थे चोर; पेट्रोलिंग टीम को देखकर भागे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 3:20 बजे कुछ लोग बोलेरो गाड़ी से न्यू वर्कशॉप कॉम्प्लेक्स पहुंचे और हॉलपैक गाड़ी नंबर 61159 से डीजल निकालने लगे। इसी दौरान, पेट्रोलिंग कर रहे CISF के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बुध राम की नज़र उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत संदिग्धों को ललकारा और उन्हें पकड़ने की कोशिश की, साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और कंट्रोल रूम को भी अलर्ट किया। अपने खिलाफ कार्रवाई होते देख आरोपी डीजल से भरे जेरीकेन छोड़कर बोलेरो में भाग निकले।

सर्च ऑपरेशन के दौरान 70 लीटर डीजल बरामद
सूचना मिलने पर QRT ने गाड़ी का पीछा किया, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर पूर्णडीह इलाके की ओर भागने में सफल रहे। इसके बाद, CISF QRT, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और इंटेलिजेंस विंग की एक संयुक्त टीम ने न्यू वर्कशॉप कॉम्प्लेक्स में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान एक जेरीकेन से लगभग 50 लीटर और दूसरे से करीब 20 लीटर डीजल बरामद हुआ; एक खाली जेरीकेन भी मिला। ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, बरामद डीजल को आधिकारिक तौर पर रोहिणी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को सौंप दिया गया।

राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: कमांडेंट
CISF यूनिट (CCL NK और पिपरवार) के कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा फोर्स की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कोलफील्ड्स, डंपिंग यार्ड, ट्रांसपोर्टेशन रूट और अन्य संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोयला, डीजल और अन्य संसाधनों की चोरी या तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनके अनुसार, कोयला उद्योग देश की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है और इसकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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