Jharkhand ED Raid: धनबाद में अवैध कोयला खनन और तस्करी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई। ₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीज, ₹1.02 करोड़ नकद जब्त और 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज बरामद।
Jharkhand ED Raid धनबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल कार्यालय ने धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, तस्करी और लेवी वसूली से जुड़े कथित सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार से शुरू हुई 31 ठिकानों पर छापेमारी बुधवार को पूरी हुई। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अनिल गोयल, एल.बी. सिंह, हरेंद्र चौहान और उनके सहयोगियों तथा रिश्तेदारों से जुड़े नेटवर्क पर की गई।
जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। ईडी ने एल.बी. सिंह से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा विभिन्न परिसरों से 1.02 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी भी जब्त की गई है।
Jharkhand ED Raid: 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले
ईडी की कार्रवाई में 200 से अधिक अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, सेल डीड, हार्ड डिस्क, डिजिटल डिवाइस और शेल कंपनियों के लेखा-जोखा से संबंधित रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। एजेंसी को आशंका है कि इन संपत्तियों की खरीद अपराध से अर्जित धन से की गई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन संदिग्ध संपत्तियों का मूल्य 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
जांच एजेंसी ने आरोपियों के नियंत्रण वाली विभिन्न संस्थाओं के वित्तीय दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। अब इनकी विस्तृत जांच की जाएगी ताकि धन के स्रोत और लेनदेन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके।
Key Highlights
धनबाद और आसपास 31 ठिकानों पर ईडी की बड़ी छापेमारी पूरी।
₹160 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश फ्रीज किए गए।
₹1.02 करोड़ की अघोषित नकदी और 200 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज जब्त।
जांच में 500 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्तियों का सुराग।
जल्द आरोपियों, सीए और वित्तीय सलाहकारों से होगी पूछताछ।
Jharkhand ED Raid: पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर बढ़ी जांच
ईडी की जांच पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और अदालत में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है। पुलिस जांच में सामने आया था कि यह कथित सिंडिकेट धनबाद और आसपास के जिलों में अवैध कोयला खनन, तस्करी तथा कोयला उठाव पर अवैध लेवी वसूलने का संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार अपराध से अर्जित धन को विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं के माध्यम से घुमाकर वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इसी धन का उपयोग चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किए जाने का संदेह है।
Jharkhand ED Raid: नवंबर 2025 की कार्रवाई से मिले थे अहम सुराग
इस नेटवर्क के खिलाफ ईडी की यह पहली कार्रवाई नहीं है। नवंबर 2025 में भी धनबाद और दुमका में अनिल गोयल, एल.बी. सिंह और उनके सहयोगियों के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उस दौरान 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज और 2.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। साथ ही अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले थे।
उसी कार्रवाई में जब्त डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ईडी ने इस बार बड़े स्तर पर कार्रवाई को अंजाम दिया।
Jharkhand ED Raid: अब क्या होगी आगे की कार्रवाई
ईडी अब मामले से जुड़े कारोबारियों और अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए समन जारी करेगी। एजेंसी 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश, कथित बेनामी संपत्तियों और धन की लेयरिंग की गहन जांच करेगी। इसके अलावा संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट, अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकार भी जांच के दायरे में रहेंगे।
जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना होगा कि फर्जी कंपनियों और अन्य माध्यमों से अघोषित धन को बैंकिंग प्रणाली में वैध स्वरूप कैसे दिया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर ईडी संदिग्ध संपत्तियों की प्रोविजनल अटैचमेंट की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है।
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