रांची : रांची जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी दो भागों में बंट गए है. बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने बेचे जाने वाले शपथ पत्र टिकट इनरोलमेंट फॉर्म वकालतनामा सहित सभी अन्य दस्तावेजों की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इसकी वजह एसोसिएशन के कार्यालय में लिपिक और अकाउंटेंट की नियुक्ति नहीं होना बताया जा रहा है. इसका खामियाजा बार एसोसिएशन की कमाई पर भी पड़ रहा है.
इससे आम लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. महासचिव ने बताया की बार एसोसिएशन को हर रोज ₹2 लाख की कमाई होती है इससे बार एसोसिएशन का खर्चा चलता है पिछले एडहॉक कमेटी में 19 लाख रुपए से ज्यादा के गबन को देखते हुए लिपिक और अकाउंटेंट की नियुक्ति का प्रयास किया गया अध्यक्ष की सहमति से सभी निर्वाचित सदस्यों को बुलाकर लिपिक और अकाउंटेंट की नियुक्ति का प्रयास किया गया, लेकिन आधे से अधिक सदस्य मीटिंग से गायब रहे. जिस कारण यह मामला अटक गया.
कोर्णाक काल में 35 अधिवक्ताओं की मृत्यु हुई है. गुटबाजी के चलते उनके परिवार वालों को डेथ क्लेम भी नहीं मिल पा रहा है. महासचिव संजय कुमार विद्रोही का कहना है कि जब तक लिपिक और अकाउंटेंट की नियुक्ति नहीं होती तब तक शपथ पत्र वकालतनामा और अन्य किसी भी दस्तावेज की बिक्री नहीं होगी क्योंकि पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं होगा.
रिपोर्ट : प्रोजेश

















