कोडरमा के सतगावां में 3 हजार विद्यार्थियों के लिए महज 10 शिक्षक होने का दावा करते हुए छात्र सड़क पर उतरे। शिक्षकों की कमी और जांच की मांग की।
Koderma News कोडरमा: कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश सामने आया है। राज्य सम्पोषित +2 उच्च विद्यालय, सतगावां के विद्यार्थियों ने पर्याप्त और नियमित शिक्षकों की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। छात्रों का दावा है कि विद्यालय में करीब 3 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि पढ़ाने के लिए महज 10 शिक्षक उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
Koderma News: 3 हजार विद्यार्थियों के लिए महज 10 शिक्षक
छात्र-छात्राओं के अनुसार, विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या करीब 3 हजार है, लेकिन वर्तमान में केवल 10 शिक्षक उपलब्ध हैं। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की कमी के कारण नियमित कक्षाओं के संचालन में परेशानी हो रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्र के छात्रों के लिए यह विद्यालय शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है।
Key Highlights
- सतगावां के राज्य सम्पोषित +2 उच्च विद्यालय में करीब 3 हजार विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने का दावा।
- छात्रों के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में महज 10 शिक्षक उपलब्ध हैं।
- विद्यार्थियों ने शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही।
- करीब 30 शिक्षकों से संबंधित वेतन सूची और 19 शिक्षकों के दूसरे विद्यालय में कार्यरत होने के आरोप की निष्पक्ष जांच की मांग।
- छात्रों ने पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और नियमित कक्षाएं संचालित कराने की मांग की।
Koderma News: शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर जांच की मांग
छात्रों ने दावा किया कि विद्यालय से करीब 30 शिक्षकों के वेतन से संबंधित सूची या प्रक्रिया संचालित होती है। आरोप है कि इनमें से 19 शिक्षक किसी दूसरे विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे हैं। छात्रों ने इस दावे की निष्पक्ष जांच कराने और शिक्षकों की वास्तविक पदस्थापना तथा कार्यस्थल का सत्यापन कराने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि विद्यालय से वेतन प्राप्त करने वाले शिक्षकों की उपस्थिति और वास्तविक अध्यापन कार्य की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही, यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
Koderma News: छात्रों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति, शिक्षकों की पदस्थापना की जांच और सभी विषयों की नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करना शामिल है।
छात्रों ने कहा कि करीब 3 हजार विद्यार्थियों के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। आंदोलन में सच्चिदानंद प्रधाना, सोनाली कुमारी, पिंकी कुमारी, सौरव कुमार और प्रियंका कुमारी समेत अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण, नियमित और पर्याप्त शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले में जल्द कार्रवाई की अपील की है।

















