Simdega Reshma Lakra KBC: KBC के मंच पर पहुंचीं आदिवासी बेटी रेशमा लकड़ा,अमिताभ बच्चन के सामने बताया जिले को ‘हॉकी की नर्सरी’

Simdega Reshma Lakra KBC: कभी अपने खेल और प्रतिभाओं के लिए पहचाने जाने वाला सिमडेगा अब देश के सबसे लोकप्रिय टीवी क्विज शो के मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा रहा है। जिले की एक आदिवासी बेटी ने मुंबई में शूट हुए कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच तक पहुंचकर न सिर्फ अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, बल्कि महानायक अमिताभ बच्चन के सामने सिमडेगा की पहचान और उपलब्धियों की भी चर्चा की।

सामाजिक वानिकी विभाग में प्रधान वनकर्मी के पद पर कार्यरत रेशमा लकड़ा ने KBC के 31वें एपिसोड में हिस्सा लिया। वह शो की हॉट सीट तक पहुंचने से मामूली अंतर से चूक गईं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर के इस मंच तक पहुंचना उनके लिए और पूरे सिमडेगा जिले के लिए खास उपलब्धि बन गया।

Simdega Reshma Lakra KBC: अमिताभ बच्चन के सामने सिमडेगा की पहचान

KBC के मंच पर रेशमा लकड़ा ने अपने आत्मविश्वास और अपने जिले से जुड़े गर्व को खुलकर सामने रखा। उन्होंने सिमडेगा को ‘हॉकी की नर्सरी’ के रूप में पेश किया और जिले की खेल प्रतिभाओं का उल्लेख किया। बातचीत के दौरान उन्होंने सिमडेगा से निकली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे का भी नाम लिया। रेशमा ने बताया कि सिमडेगा की मिट्टी ने ऐसी कई प्रतिभाओं को जन्म दिया है, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले की पहचान बनाई है। अमिताभ बच्चन के सामने अपने जिले की उपलब्धियों को बताने का यह मौका रेशमा के लिए खास रहा। उनके माध्यम से KBC के दर्शकों तक भी सिमडेगा की खेल और आदिवासी पृष्ठभूमि की तस्वीर पहुंची।

हॉट सीट से मामूली अंतर से चूकीं रेशमा

रेशमा लकड़ा KBC के मंच पर पहुंचीं और शो में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। हालांकि, वह हॉट सीट तक पहुंचने से थोड़े अंतर से चूक गईं। इसके बावजूद देश के लोकप्रिय क्विज शो में अपनी जगह बनाना उनके सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। खासकर ऐसे समय में जब छोटे शहरों और सीमित संसाधनों से आने वाली प्रतिभाएं राष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रही हैं। रेशमा की कहानी इस बात को भी सामने रखती है कि सरकारी सेवा में रहते हुए भी उन्होंने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और अपने जिले से जुड़ी पहचान को बड़े मंच पर सामने रखा।

बदल रही है सिमडेगा की तस्वीर

रेशमा लकड़ा के अनुसार सिमडेगा जिले की तस्वीर तेजी से बदल रही है। उनका कहना है कि अब आदिवासी महिलाएं सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सरकारी सेवा और दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने को अपने लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, जिले की युवा पीढ़ी के पास आगे बढ़ने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कई प्रतिभाएं अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। रेशमा की KBC में भागीदारी इसी बदलती तस्वीर की एक झलक के तौर पर देखी जा रही है। एक आदिवासी महिला का लोकप्रिय राष्ट्रीय टीवी कार्यक्रम तक पहुंचना जिले के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का विषय बना है।

सलीमा टेटे से लेकर KBC तक, सिमडेगा की अलग पहचान

सिमडेगा की पहचान लंबे समय से हॉकी और खेल प्रतिभाओं से जुड़ी रही है। इसी वजह से KBC के मंच पर रेशमा लकड़ा का जिले को ‘हॉकी की नर्सरी’ बताना भी चर्चा में रहा। उन्होंने सलीमा टेटे का उदाहरण देकर बताया कि जिले की प्रतिभाएं बड़े खेल मंचों तक पहुंच रही हैं। अब KBC जैसे लोकप्रिय कार्यक्रम में रेशमा की मौजूदगी ने सिमडेगा की पहचान को एक अलग राष्ट्रीय मंच भी दिया है।

जिला प्रशासन और लोगों ने दी बधाई

रेशमा लकड़ा की KBC में भागीदारी की खबर सामने आने के बाद सिमडेगा के लोगों में उत्साह है। जिला प्रशासन की ओर से भी उनकी उपलब्धि पर बधाई दी गई है। रेशमा की इस उपलब्धि को जिले की दूसरी युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मविश्वास और मेहनत के साथ बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है। KBC के मंच पर रेशमा लकड़ा की मौजूदगी ने एक ओर जहां उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि को पहचान दी, वहीं दूसरी ओर सिमडेगा के खेल, आदिवासी समाज और बदलती सामाजिक तस्वीर को भी राष्ट्रीय दर्शकों के सामने रखने का अवसर दिया।

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