CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक, फर्जीवाड़े और सीट बेचने के मामले में CID की जांच गिरिडीह और कोयलांचल तक पहुंची है। अब तक 33 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
CGL Paper Leak रांची: सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक, फर्जीवाड़े और सीट बेचने के मामले की जांच कर रही सीआईडी का दायरा अब गिरिडीह और आसपास के कोयलांचल क्षेत्र तक पहुंच गया है। जांच एजेंसी के अनुसार प्रश्न और उत्तर रटवाने, सेटिंग के जरिये परीक्षा पास कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर सौदेबाजी करने वाले कथित नेटवर्क में अब तक 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
जांच में सामने आये आरोपियों में सबसे अधिक संख्या गिरिडीह और आसपास के जिलों से जुड़े लोगों की बतायी जा रही है। सीआईडी इस पूरे नेटवर्क में आरोपियों की भूमिका, आपसी संपर्क और परीक्षा से जुड़े कथित लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
CGL Paper Leak:गिरिडीह से कई आरोपी जांच के दायरे में
सीआईडी की कार्रवाई में गिरिडीह जिले से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आये हैं। इनमें खेरवानी, धनवार निवासी सिपाही रोबिन कुमार, पिहरा, गांवा निवासी सिपाही अभिलाष कुमार और बेंगाबाद निवासी सफल अभ्यर्थी समीर कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा अभय कुमार तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी इन सभी की कथित भूमिका और नेटवर्क से उनके संबंधों की पड़ताल कर रही है।
Key Highlights
- CGL परीक्षा मामले की CID जांच गिरिडीह और कोयलांचल क्षेत्र तक पहुंची।
- अब तक 33 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आयी है।
- गिरिडीह और आसपास के जिलों से जुड़े कई आरोपी जांच के दायरे में हैं।
- कथित नेटवर्क में प्रश्न-उत्तर रटवाने और सेटिंग से पास कराने के आरोपों की जांच।
- नौकरी दिलाने के नाम पर कथित सौदेबाजी की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।
CGL Paper Leak:धनबाद, बोकारो और कोडरमा से भी आरोपी
सीआईडी की कार्रवाई में धनबाद जिले से जुड़े तीन लोगों के नाम सामने आये हैं। इनमें नावाडीह निवासी दीपक कुमार, राजगंज निवासी विजय कुमार तिवारी और सुदामडीह निवासी आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।
बोकारो जिले से दुग्दा निवासी उमेश कुमार राय को आरोपी बनाया गया है। वहीं कोडरमा से राजेश प्रसाद यादव और डोमचांच निवासी संदीप कुमार के नाम सामने आये हैं।
देवघर जिले से रिखिया निवासी सुधाकर यादव भी मामले में आरोपी हैं।
CGL Paper Leak:नौकरी के नाम पर सौदेबाजी के नेटवर्क की जांच
सीआईडी की जांच कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क पर केंद्रित है, जिसमें अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटवाने, सेटिंग के जरिये परीक्षा में सफलता दिलाने और नौकरी के नाम पर पैसे की मांग करने के आरोप हैं।
जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही कथित लेनदेन, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले में सामने आये आरोप अभी जांच का विषय हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी भूमिका के संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।


















