Bihar Law and Order: बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में उन्होंने अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, साइबर अपराध पर निगरानी बढ़ाने और आपातकालीन पुलिस सेवा को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलावार और थानावार अपराधियों की सूची बनाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनके खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ाने के साथ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के प्रावधानों का आवश्यकतानुसार उपयोग करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अपराध के मामलों में त्वरित अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन पर भी जोर दिया, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सतत निगरानी और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में जिला दंगा निरोधी दस्तों के पुनर्गठन तथा विशेष कार्य बल को अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया।

डायल-112 का रिस्पांस टाइम और बेहतर करने पर जोर
आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को पुलिस सहायता जल्द उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने डायल-112 की व्यवस्था को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि बिहार में डायल-112 का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट या उससे कम है, जबकि बैठक में राष्ट्रीय औसत 17 मिनट बताया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शन को बनाए रखने और प्रतिक्रिया समय में और सुधार करने के लिए तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया।

साइबर अपराध पर निगरानी, 1930 हेल्पलाइन के प्रचार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर अपराध से निपटने की व्यवस्था मजबूत करने को कहा। साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश भी दिया गया। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया देने तथा मुख्यालय स्तर से निगरानी की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
नशीले पदार्थों और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई
बैठक में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया। आर्थिक अपराधों की समीक्षा के दौरान अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ अर्जित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। ऐसे मामलों में प्रभावी जांच और अभियोजन के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने पर जोर दिया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रतियोगी परीक्षाएं स्वच्छ और कदाचार मुक्त तरीके से आयोजित हों। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अश्लील और द्विअर्थी गीतों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस मुख्यालय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें: Jio 6G Technology: AI से मेडिकल तक बदल सकती है डिजिटल दुनिया, जानें क्या है तैयारी


















