युवाओं ने कहा- केंद्र सरकार की युवा विरोधी नीति नहीं करेंगे बर्दाश्त
चतरा : बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना का एलान किया है.
केंद्र सरकार के इस निर्णय के विरोध में अभ्यर्थी और छात्र सड़क पर उतर गए.
झारखंड के चतरा में भी केंद्र सरकार की इस योजना का विरोध शुरू हो चुका है.
चतरा के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों व अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया.
प्रशासन ने रैली निकालने से रोका
हालांकि छात्रों और अभ्यर्थियों के आंदोलन की सूचना पर मौके पर पहुंचे
सदर एसडीपीओ अविनाश कुमार और थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने
बगैर अनुमति छात्रों व अभ्यर्थियों को रैली निकालने से रोक दिया.
जिसके बाद स्टेडियम परिसर में ही अभ्यर्थियों और छात्रों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी
करते हुए केंद्र सरकार की अग्निपथ बहाली योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की.

कई राज्यों में हो रहा विरोध
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना को लेकर कई राज्यों में लगातार विरोध हो रहा है. विद्यार्थियों का आरोप है कि 2 साल पहले ही मेडिकल और फिजिकल परीक्षा पास कर ली थी. लेकिन अब तक लिखित परीक्षा नहीं हुए है. ऐसे में सरकार ने 4 साल वाली स्कीम निकालकर जले पर नमक छिड़का है. नौकरी के लिए उनकी उम्र गुजर रही है और सेना में भर्तियां रोक दी गई है.

75 फीसदी युवाओं के लिए नीति स्पष्ट करे सरकार
विद्यार्थियों का कहना है कि केंद्र सरकार की योजना में ही गड़बड़ी है. सिर्फ 4 साल बाद रिटायरमेंट दे दी जाएगी. आगे फिर ये ट्रेंड जवान आखिर करेंगे तो क्या करेंगे. 18 से 22 साल के 75 प्रतिशत युवा 22 से 26 साल की उम्र में बेरोजगार हो जाएंगे. सरकार के नीतियों के अनुसार 4 साल पूरे होने पर 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थाई कैडर में भर्ती कर लिया जाएगा. लेकिन 10वीं या 12वीं पास कर अग्निवीर बनने वाले 75 फीसदी युवाओं का क्या होगा, इसे लेकर केंद्र की कोई स्पष्ट नीति नहीं है. अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर अग्निपथ योजना का विरोध किया है.
दिल्ली में करेंगे हल्ला बोल
पुलिस प्रशासन को नाराज अभ्यर्थियों को मनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. अभ्यर्थियों ने कहा कि केंद्र सरकार अगर अपनी युवा विरोधी नीति वापस नहीं लेती है तो इसके विरोध में दिल्ली में हल्ला बोल कार्यक्रम करेंगे. साथ ही सड़क से सदन तक हंगामा होगा. छात्र और अभ्यार्थियों ने केंद्र सरकार की इस नीति के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने की बात कही है.
रिपोर्ट: सोनु भारती
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