रांचीः चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में सुनवाई हुई. सीबीआई की ओर से दाखिल रिपोर्ट का अवलोकन कर अदालत ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट में यह कहा जाना बहुत इंटरेस्टिंग है कि आरोपितों के खिलाफ प्रत्यक्ष आरोप है और उन्हें आईपीसी की धारा 302 में सजा दी जा सकती है. लेकिन क्या बिना मोटिव के किसी को 302 में सजा दिया जाना संभव है.
सीबीआई की ओर से लगातार इस बात पर जोर दिया गया कि जांच अभी भी जारी है और सीबीआई अन्य नए वैज्ञानिक तरीके अपना रही है, ताकि षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके. कई बार बड़े षड्यंत्र का खुलासा करने में समय लगता है. फिलहाल अभी जांच का अंत नहीं हुआ है. सीबीआई की ओर से समयावधि को देखते हुए चार्जशीट दाखिल की गई ताकि आरोपितों को जेल में रखा जा सके और उनसे पूछताछ करने से कुछ इशारा मिले और सीबीआई इस को लेकर पूरी तरह से कॉन्फिडेंट है कि इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा.
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि सीबीआई भले ही इस मामले के खुलासे को लेकर कॉन्फिडेंट हो लेकिन अदालत का कॉन्फिडेंस हिल गया है. सीबीआई इस मामले में प्रॉसिक्यूटर की तरह सोच रही है. लेकिन कोर्ट एक जज की तरह सोच रही है कि जब उसके सामने यह मामला जाएगा तो बिना कोई कारण, बिना किसी मोटिव के हत्या कर देना कैसे साबित होगा.
रिपोर्ट : प्रोजेश

















