उत्तराखंड के चमोली में विष्णुगाड पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हादसे के बाद झारखंड के कई मजदूर फंसे। सीएम हेमंत सोरेन ने धामी से बात की।
Chamoli Tunnel Accident रांची: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 14 मजदूर घायल हुए हैं। एक मजदूर के अब भी लापता होने की सूचना है। राहत और बचाव अभियान जारी है।
हादसे में झारखंड के भी कई मजदूर प्रभावित हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार खूंटी, गुमला समेत राज्य के विभिन्न जिलों के श्रमिक टनल में काम कर रहे थे। पांच झारखंडी मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आयी है।
Chamoli Tunnel Accident:टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा
हादसा गुरुवार शाम करीब 6.10 बजे हुआ। बताया गया कि मजदूर टनल के भीतर सरिया वेल्डिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान कार्यस्थल से करीब 150 मीटर दूर भूस्खलन हुआ और पानी, पत्थर तथा मलबा टनल में घुस गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। सेना, आइटीबीपी और गढ़वाल स्काउट के जवान भी बचाव अभियान में लगाए गये हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
Chamoli Tunnel Accident:हेमंत सोरेन ने धामी से फोन पर की बात
हादसे की जानकारी मिलने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। धामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि टनल में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने बताया कि बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगी हुई हैं। घायल मजदूरों का इलाज कराया जा रहा है और गंभीर स्थिति होने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजने की तैयारी भी रखी गयी है।
झारखंड सरकार ने भी प्रभावित श्रमिकों के परिजनों से राज्य के कंट्रोल रूम से संपर्क करने और उपलब्ध जानकारी साझा करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Key Highlights
चमोली की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल में पानी और मलबा घुसा।
हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।
14 मजदूर घायल हुए हैं और एक मजदूर के लापता होने की सूचना है।
झारखंड के खूंटी, गुमला समेत कई जिलों के मजदूर हादसे से प्रभावित हुए हैं।
सीएम हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात कर श्रमिकों की सुरक्षा की जानकारी ली।
Chamoli Tunnel Accident:सात महीने में दूसरी बड़ी घटना, सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
विष्णुगाड पीपलकोटी परियोजना में पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है। दिसंबर 2025 के अंत में इसी परियोजना की सुरंग में दो लोको ट्रेनों की टक्कर हुई थी। उस घटना में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे। घटना के बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार हादसे और श्रमिकों के फंसने की घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ होना चाहिए।
झारखंड सरकार ने श्रमिकों से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
व्हाट्सऐप हेल्पलाइन: 9470132591, 9431336472, 9431336427
Chamoli Tunnel Accident:घायल झारखंडी मजदूर
- खेला राम, उम्र 22 वर्ष, विसरा, झारखंड
- दीना बेगरा, उम्र 26 वर्ष, तोरणा क्षेत्र, झारखंड
- निस्तर बेगरा, उम्र 24 वर्ष, बेराकिस टोली, झारखंड
- विनोद रायना, उम्र 46 वर्ष, बाग, गुमला
- हबील गुड़िया, उम्र 27 वर्ष, तपकरा, झारखंड
Chamoli Tunnel Accident:मृतकों की सूची
- प्रदीप पंवार, उम्र 35 वर्ष, टिहरी गढ़वाल
- मुकेश
- दुर्लभ शर्मा
- विजय
- जितेंद्र
- दो अन्य मृतकों की पहचान की जानकारी की पुष्टि की जा रही है।


















