गुरुजी को अंतिम विदाई देने उमड़ी अपार भीड़, झारखंड की आत्मा को अलविदा कह भावुक हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची: झारखंड के दिशोम गुरुजी और आदिवासी आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को अंतिम विदाई देने के लिए सोमवार को राजधानी रांची स्थित मोराबादी आवास पर हजारों की संख्या में आम लोग, समर्थक, नेता और अधिकारी उमड़ पड़े। रात भर गुरुजी के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा और मंगलवार की सुबह भीड़ और भावनाएं चरम पर थीं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता के निधन से बेहद भावुक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार दूसरी बार एक गहरी और मार्मिक पोस्ट लिखकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा –
“मेरे सिर से सिर्फ पिता का साया नहीं गया, झारखंड की आत्मा का स्तंभ चला गया।”

गुरुजी के पार्थिव शरीर को मोराबादी आवास से झारखंड विधानसभा, फिर झामुमो कार्यालय और अंततः पैतृक गांव नेमरा ले जाया जा रहा है, जहां मंगलवार को दोपहर तीन बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समर्थकों ने अपने अनुभव साझा किए, कई रो पड़े। पूरा राज्य शोक में डूबा है।

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदेश महतो, झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी समेत कई दिग्गज नेता मोराबादी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेमरा पहुंचने की भी संभावना जताई जा रही है।

गुरुजी के संघर्ष को याद करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा –
“बाबा का संघर्ष किसी किताब से नहीं समझा जा सकता। वह उनके पसीने, आवाज और चप्पल से ढकी फटी एड़ी में छिपा था।”

उन्होंने यह भी वादा किया कि
“आपका संघर्ष अधूरा नहीं रहेगा। झारखंड आपका ऋणी रहेगा। मैं आपका बेटा, आपका वचन निभाऊंगा। दिशोम गुरु अमर रहें।”

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img