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आंदोलनकारियों के साथ हुई झड़प के बाद फैसला

धनबाद : नगर-निगम कर्मियों की हड़ताल का शहर में असर दिखना शुरू हो गया है. सभी पचपन वार्डों में साफ-सफाई का काम बंद है. नगर-निगम के कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. मंगलवार को हुई झड़प के बाद कर्मचारियों ने ये फैसला लिया. मंगलवार की शाम झारखण्ड माइनिंग एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी यानि झमाडा में कार्यरत रहे मृतकों के आश्रितों के साथ नगर निगम कर्मियों की झड़प हो गई थी. मामला मारपीट तक जा पहुंचा.

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निगम कर्मियों: सुरक्षा की मांग को लेकर की हड़ताल पर निगमकर्मी

दरअसल नियोजन की मांग को लेकर मृतकों के आश्रित नगर आयुक्त सतेन्द्र कुमार से मिलने के लिए मंगलवार की सुबह से ही नगर निगम कार्यालय के गेट पर बैठे थे. लेकिन नगर आयुक्त ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया. इसी बीच आंदोलनकारियों ने नगर निगम कार्यालय में तालाबंदी कर दी. इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ. नगर निगम कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हुई .

निगम कर्मियों: नगर आयुक्त की गाड़ी रोकने की कोशिश के दौरान झड़प

आंदोलनकारियों ने नगर आयुक्त का घेराव भी किया. जब वो अपने कार्यालय से निकले तो उनकी गाड़ी के आगे कई लोग लेट गए. इस दौरान नगर आयुक्त के साथ बदसलूकी की बात भी कही जा रही है. हालात बिगड़ता देख बीच-बचाव के लिए नगर-निगम कर्मियों ने दखल दिया. नगर आयुक्त झारखण्ड माइनिंग एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी यानि झमाडा के भी प्रभारी हैं. नगर आयुक्त का कहना है कि पहले ही आंदोलनकारियों को बता दिया था कि अनुकंपा पर नौकरी देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. उन्होने कहा कि झमाडा एक डेवलपमेंट एजेंसी है और इसमें अनुकंपा पर नियुक्ति नहीं होती है.

अनुकंपा पर नौकरी की मांग को लेकर जमा हुए थे लोग

पहले अनुकंपा पर जो नियुक्तियां हुई हैं उनपर भी जांच चल रही है.

नगर आयुक्त ने कहा कि जबतक प्राधिकार का गठन नहीं होगा

नियुक्ति नहीं की जा सकती है. उन्होंने कहा कि मौखिक और लिखित

तौर पर भी ये तमाम जानकारियां दे दी गई हैं इसके बावजूद मृतकों के

आश्रित नहीं मान रहे. झमाडा में कार्यरत रहे मृतकों के

आश्रित काफी समय से अनुकंपा पर नौकरी की मांग कर रहे हैं.

रिपोर्ट :  राजकुमार जायसवाल

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