International Yoga Day Ranchi: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को रांची यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली कन्वोकेशन हॉल में राज्य-स्तरीय योग दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य और देश के लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक बेहतरीन तरीका है। हर किसी को अपनी सेहत के लिए रोज़ाना कम से कम एक घंटा देना चाहिए। योग का नियमित अभ्यास शरीर, मन और भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
भारत की प्राचीन योग विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की एक अमूल्य विरासत है, जिसने सदियों से मानव जीवन को स्वस्थ और अनुशासित बनाए रखने में मदद की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। रांची के विधायक सीपी सिंह ने भी लोगों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन पाने के लिए योग सबसे असरदार तरीकों में से एक है।
संजय सेठ: दुनिया ने योग की ताकत को माना
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अब पूरी दुनिया ने योग की ताकत को मान लिया है और 192 देशों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि योग सिर्फ़ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक समग्र तरीका है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन मिला था, जिसके बाद 21 जून 2015 से योग दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाया जाने लगा।
योग दिवस की थीम: ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’
इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” (Yoga for Healthy Aging) है। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर ज़ोर दिया गया कि योग न केवल युवाओं के लिए, बल्कि बुजुर्गों के लिए भी स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने में फायदेमंद है। प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, ध्यान और विभिन्न योगासनों के स्वास्थ्य लाभों पर भी प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम के दौरान, योग प्रशिक्षकों अर्चना कुमारी, रिया कुमारी और हेमा कुमारी ने प्रतिभागियों को आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।

राज्य भर में 1,000 योग प्रशिक्षक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
योग के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कार्यक्रम के दौरान प्रशंसा-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, योग प्रशिक्षकों, छात्रों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। बताया गया कि राज्य में आयुष क्षेत्र के तहत चल रहे 745 ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिरों’ के माध्यम से लगभग 1,000 योग प्रशिक्षक नियमित रूप से सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं, रांची स्थित राज्य योग केंद्र में आम जनता के लिए रोज़ाना योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को योग अभ्यास में शामिल करके स्कूली स्तर पर योग को बढ़ावा देने की पहल भी शुरू की गई है।
यह भी पढ़ें: NEET UG 2026 re-exam today: हजारीबाग के 9 परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा 163 लागू, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
Highlights


















