पटना : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर बिहार कांग्रेस एक्टिव मोड में आ गई है। कांग्रेस पार्टी जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में लगी हुई है। इसी बीच 15 जून यानी रविवार को पटना में कांग्रेस की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें कांग्रेस के सभी 19 विधायक मौजूद रहेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु सहित बैठक में कई बड़े नेता शिरकत करेंगे। बता दें कि कल यानी शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के साथ आगामी कार्यक्रमों को लेकर संवाद किया।

चुनावी रणनीति पर मंथन होगा
आपको बता दें कि इस बैठक में चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी। चुनावी रणनीति पर मंथन होगा। प्रचार अभियान की रुपरेखा तय होगी। बिहार सरकार को कैसे घेरना है, इस पर बातचीत होगी। वहीं बिहार में महागठबंधन सरकार बनने पर कांग्रेस ‘माई बहिन मान योजना’ शुरू करेगी। इसकी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया जाएगा। विधायकों को कम से कम 40-50 हजार महिलाओं का इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का टारगेट दिया जाएगा।

कांग्रेस ने किया था ऐलान, सरकार बनने पर हर महीने महिलाओं को 2500 दिए जाएंगे
बता दें कांग्रेस ने पिछले महीने इस योजना का ऐलान किया है और कहा है कि सरकार बनने पर हर महीने महिलाओं को 2500 रुपए दिए जाएंगे। राजद भी इस योजना का ऐलान कर चुकी है। दरअसल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और झारखंड में इस तरह की योजनाओं से सत्ताधारी दल को चुनाव में लाभ हुआ है। बिहार में महिला नीतीश की पारंपरिक वोटर मानी जाती हैं। करीब 48 फीसदी महिला वोटर हैं। उनको साधने की कोशिश में कांग्रेस राजद लगी हुई है। दोनों दलों ने इस योजना का ऐलान अलग-अलग किया है। वहीं बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस दमखम के साथ तैयारी में लगी हुई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अब तक चुनावी वर्ष में छह बार बिहार दौरे पर आ चुके हैं। संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस चुनाव महागठबंधन रहकर लड़ेगी, लेकिन अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहती है।
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RJD पर लगातार दबाव बना रही है कांग्रेस
वहीं कांग्रेस पिछली बार 2020 में महागठबंधन में सत्तर सीटों पर लड़ी थी। इस बार भी 70 सीटों की मांग कर रही है। सीटों के लिए राजद पर लगातार दबाव बना रही है। यही कारण है कि राजद की तरफ से ऐलान करने के बाद भी कांग्रेस तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा मानने को फिलहाल तैयार नहीं है।
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