Cyber Crime Alert: मार्केटिंग Company के नाम पर ठगी, Ranchi में COD Parcel Fraud के केस बढ़े

रांची में साइबर अपराधियों का नया तरीका—मार्केटिंग कंपनी और RTO-DTO फीस के नाम पर कॉल कर ठगी। COD पार्सल में तौलिया भेजा गया, कई लोग सतर्क रहकर बचे।


Cyber Crime Alert: रांची:राज्य में साइबर अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं और अब यह अपराधी मार्केटिंग कंपनियों की आड़ में लोगों को निशाना बना रहे हैं। कॉल कर साइबर ठग खुद को किसी नामी ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं और कहते हैं कि आपने कोई उत्पाद मंगवाया है, जो कैश ऑन डिलीवरी (COD) पर भेजा जा रहा है। कई लोग बिना जांचे-परखे भुगतान कर देते हैं और बाद में समझ आता है कि पार्सल नकली है।

Cyber Crime Alert: कैसे देते हैं ठग झांसा – पार्सल और COD भुगतान का बहाना
अपराधी रणनीति के तहत घर का पता, नाम और मोबाइल नंबर के जरिए कॉल करते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि सामान ऑर्डर किया गया है। कई लोग यह मान लेते हैं कि परिवार का कोई सदस्य ऑर्डर कर चुका होगा और सीधे भुगतान कर देते हैं।


Key Highlights
● रांची में मार्केटिंग कंपनियों के नाम पर COD पार्सल भेजकर ठगी के मामले सामने आए

● तौलिया भेजकर 799 रुपये की धोखाधड़ी का मामला


● RTO–DTO फीस और वाहन परमिट के नाम पर भी कॉल कर ठगी का प्रयास

● साइबर अपराधी पहले से नाम, पता और जानकारी लेकर विश्वास बनाते हैं

● सतर्क लोग जांच कर ठगी से बच रहे हैं, पुलिस सावधान रहने की अपील कर रही है


Cyber Crime Alert: केस–1: 799 रुपये के पार्सल में निकला तौलिया
रांची के हरमू क्षेत्र में एक परिवार इस नए साइबर फॉर्मेट का शिकार बना। घर पर एक नामी ब्रांड के नाम से पार्सल पहुंचा। पुत्र ने COD के रूप में 799 रुपये भुगतान किए, लेकिन जैसे ही बॉक्स खोला गया, उसमें केवल एक छोटा सा तौलिया निकला। परिवार के सदस्यों में बाद में पता चला कि किसी ने कोई सामान ऑर्डर ही नहीं किया था।

Cyber Crime Alert: केस–2: RTO–DTO फीस जमा करने के नाम पर धोखाधड़ी का प्रयास
ठगी केवल ई–कॉमर्स के नाम पर ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों की सेवाओं की आड़ में भी की जा रही है। खादगढ़ा से चलने वाली एक बस के मालिक के पास फोन आया और वाहन के पूरे विवरण के साथ कहा गया कि परमिट व लाइसेंस रिन्युअल की फीस अभी जमा करनी होगी। बस चालक को शक हुआ क्योंकि वह हमेशा स्वयं दफ्तर जाकर शुल्क जमा करता है। जब वे आरटीओ कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने स्पष्ट बताया कि वे किसी को फोन कर शुल्क जमा करने का निर्देश नहीं देते।

IAS Vinay Choubey: निलंबन खत्म होते ही IAS विनय चौबे की...

IAS Vinay Choubey: शराब घोटाला मामले में आरोपी चर्चित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे निलंबन से मुक्त होने के बाद झारखंड सरकार के कार्मिक,...

Jharkhand High Court Journalist Freedom: खबर छापना अपराध नहीं! झारखंड हाईकोर्ट...

Jharkhand High Court Journalist Freedom: झारखंड हाईकोर्ट ने पत्रकारों की स्वतंत्रता और उनके पेशेवर अधिकारों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट टिप्पणी की...

Chatra Seasonal Diseases: चतरा में मौसमी बीमारियों का बढ़ा प्रकोप, सदर...

Chatra Seasonal Diseases: मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में मौसमी...