राज्य के पुलों का होगा सघन सेफ्टी ऑडिट, सचिव ने अभियंताओं को दिए कड़े निर्देश

पटना : पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में राज्य में मौजूदा पुलों की स्थिति, सुरक्षा एवं पुलों के सेफ्टी ऑडिट से संबंधित समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में पथ निर्माण विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL), बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDCL) एनएच के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहें। क्षेत्रीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में मौजूदा पुलों की स्थिति, सुरक्षा उपायों की समीक्षा व पुलों का सुरक्षा ऑडिट करना था

बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में मौजूदा पुलों की स्थिति, सुरक्षा उपायों की समीक्षा एवं पुलों का सुरक्षा ऑडिट करना था। राज्य के सभी पुराने पुलों का अनिवार्य रूप से सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया गया। जर्जर पाए गए पुलों की मरम्मत का कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू करने को कहा गया है। सचिव ने स्पष्ट किया कि पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमित निगरानी सुनिश्चित करें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

72 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट PMIS पोर्टल पर अपलोड करें – सचिव पंकज कुमार पाल

सचिव पंकज कुमार पाल ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को पुलों का सघन सेफ्टी ऑडिट करने का निदेश देते हुए कहा कि 72 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट PMIS पोर्टल पर अपलोड करें। 60 मीटर से 250 मीटर एवं 250 मीटर से अधिक लंबी पुलों का सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा, मुख्यालय स्तर से इसकी लगातार मॉनीटरिंग की जाएगी। सचिव ने कहा कि बेयरिंग की स्थिति, गडर, स्पैन स्लैब, पाइल, ज्वाइंट की मजबूती, अप्रोच रोड की अद्यतन स्थिति एवं ड्रेनेज की सफाई सहित अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच करें।

आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को अलर्ट रहने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए

बैठक में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को अलर्ट रहने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने एनएच विंग को भी निर्देशित किया कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुलों का सेफ्टी ऑडिट करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पुल में लापरवाही के कारण क्षति होती है, तो संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता के साथ-साथ मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने कहा कि विभाग का लक्ष्य राज्य के हर हिस्से में सुगम और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने की पथ निर्माण विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

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