दीपावली 2025 सोमवार, 20 अक्तूबर को प्रदोष काल में मनाई जाएगी। 18 को धनतेरस की खरीदारी शुभ रहेगी। जानें पुष्य नक्षत्र और पूजा का समय।
Diwali 2025 रांची: दीपों का महापर्व दीपावली 2025 इस बार 20 अक्तूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। पंडित कौशल कुमार मिश्र के अनुसार, वाराणसी पंचांग के मुताबिक इस दिन दोपहर 2:55 बजे से अमावस्या तिथि लग जाएगी। प्रदोष काल में अमावस्या योग मिलने के कारण दीपावली इसी दिन मनाई जाएगी। पूरी रात अमावस्या रहने से काली पूजा भी इसी दिन की जाएगी।
21 अक्तूबर की शाम 4:26 बजे तक अमावस्या तिथि रहने से जो लोग 20 तारीख को पूजा नहीं कर पाएंगे, वे अगले दिन तक पूजा कर सकते हैं। पंडित कपिलदेव मिश्र और कौस्तुभधर नाथ मिश्रा ने भी बताया कि मिथिला पंचांग में भी दीपावली 20 अक्तूबर को ही बताई गई है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
20 अक्तूबर (सोमवार) को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि लगने से दीपावली मनाई जाएगी।
अमावस्या तिथि 21 अक्तूबर शाम 4:26 बजे तक रहेगी, इसी कारण काली पूजा भी उसी दिन होगी।
18 अक्तूबर (शनिवार) को धनतेरस, इस दिन दोपहर 1:20 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।
19 अक्तूबर को धनवंतरि जयंती और हनुमान जयंती, खरीदारी का शुभ योग दोपहर तक।
15 अक्तूबर को पुष्य नक्षत्र, सोना, गहने, वाहन और प्रॉपर्टी खरीदने का शुभ अवसर।
Diwali 2025: 18 अक्तूबर को धनतेरस की खरीदारी शुभ
धनतेरस 2025 इस बार शनिवार, 18 अक्तूबर को मनाई जाएगी।
इस दिन दोपहर 1:20 बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू होगी जो 19 अक्तूबर दोपहर 1:55 बजे तक रहेगी।
हालांकि प्रदोष काल में त्रयोदशी न मिलने से मुख्य धनतेरस की खरीदारी शनिवार को ही शुभ मानी गई है।
रविवार को धनवंतरि जयंती और हनुमान जयंती भी रहेगी।
Diwali 2025: पुष्य नक्षत्र से हुई शुभ शुरुआत
दीपावली से पहले 15 अक्तूबर को पुष्य नक्षत्र रहेगा।
यह नक्षत्र शाम 4:46 बजे तक रहेगा और खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
पंडित कौशल मिश्र के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रॉपर्टी, नया वाहन या खाता-बही की शुरुआत करना अत्यंत मंगलकारी रहेगा।
पुष्य नक्षत्र को “नक्षत्रराज” कहा जाता है क्योंकि यह सभी कार्यों के लिए शुभ होता है, सिवाय विवाह के।
Diwali 2025: अक्तूबर 2025 के प्रमुख पर्व-त्योहार
| तिथि | पर्व / अवसर |
|---|---|
| 15 अक्तूबर | पुष्य नक्षत्र (खरीदारी के लिए शुभ दिन) |
| 18 अक्तूबर | धनतेरस |
| 19 अक्तूबर | धनवंतरि व हनुमान जयंती |
| 20 अक्तूबर | दीपावली और काली पूजा |
| 21 अक्तूबर | स्नान-दान अमावस्या |
| 22 अक्तूबर | अन्नकूट |
| 23 अक्तूबर | भाइदूज और चित्रगुप्त पूजा |
| 25 अक्तूबर | वैनायकी गणेश चतुर्थी व सूर्य षष्ठी नहाय-खाय |
| 26 अक्तूबर | खरना |
| 27 अक्तूबर | सूर्य षष्ठी (छठ पर्व) |
| 28 अक्तूबर | उगते सूर्य को अर्घ्य |


















