Fake GST Bill Case Relief: अब FIR नहीं होगी, ED को जांच से पहले DGGI की अनुमति लेनी होगी , GST Tax Evasion Jharkhand

फर्जी GST बिल मामले में अब एफआईआर या ईडी जांच से पहले डीजीजीआई की अनुमति जरूरी होगी। टैक्स चोरी पर अब सिर्फ GST Act के तहत कार्रवाई होगी, पीएमएलए लागू नहीं होगा।


Fake GST Bill Case Relief : फर्जी जीएसटी बिल बनाकर टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। अब इस तरह के मामलों में थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, और ईडी (Enforcement Directorate) भी बिना अनुमति के प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच नहीं कर सकेगी।

अब से किसी भी फर्जी बिलिंग या टैक्स चोरी के मामले में ईडी या स्थानीय पुलिस को कार्रवाई से पहले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

यह आदेश डीजीजीआई के अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनदीप कुमार बातिश द्वारा जारी किया गया है।


Key Highlights:

  • फर्जी जीएसटी बिल मामलों में अब थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होगी

  • ईडी और पुलिस को जांच से पहले डीजीजीआई से अनुमति लेनी होगी

  • केवल GST Act की धाराओं के तहत ही होगी कार्रवाई

  • डीजीजीआई के अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनदीप कुमार बातिश ने जारी किया आदेश

  • पीएमएलए के तहत टैक्स चोरी को अपराध नहीं माना जाएगा

  • फर्जी बिलिंग से 2024–25 में ₹58,772 करोड़ का नुकसान


Fake GST Bill Case Relief : अब केवल GST Act के तहत होगी कार्रवाई

नई व्यवस्था के तहत फर्जी जीएसटी बिल जारी करने वालों पर केवल जीएसटी अधिनियम की धाराओं के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।
डीजीजीआई और सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBIC) का मत है कि जीएसटी एक “विशेष अधिनियम” है, जिसमें दंड का स्पष्ट प्रावधान पहले से मौजूद है।

इसलिए, जीएसटी उल्लंघन को पीएमएलए के तहत अपराध नहीं माना जाएगा, क्योंकि इससे Ease of Doing Business पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024–25 में फर्जी बिलिंग से केंद्र सरकार को ₹58,772 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

Fake GST Bill Case Relief : क्या कहा गया है नए आदेश में

  1. डीजीजीआई द्वारा सभी मामले की सूचना सेंट्रल इकोनॉमी इंटेलिजेंस ब्यूरो (CEIB) और रिजनल इकोनॉमी इंटेलिजेंस काउंसिल (REIC) को साझा की जाएगी।

  2. अन्य एजेंसियां उन्हीं सूचनाओं के आधार पर अपने अधिनियमों के तहत जांच कर सकेंगी।

  3. जब किसी अपराध पर विशेष व सामान्य अधिनियम दोनों लागू होते हैं, तो विशेष अधिनियम (GST Act) को वरीयता दी जाएगी।

  4. यदि ईडी या पुलिस किसी मामले की जांच करना चाहती है, तो उन्हें पहले प्रधान महानिदेशक, डीजीजीआई से अनुमति लेनी होगी।

  5. अनुमति के लिए एजेंसियों को सभी तथ्य, आरोपी की भूमिका और दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

Fake GST Bill Case Relief : व्यापारियों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश उन व्यापारियों के लिए राहत का काम करेगा जो अनजाने में या तकनीकी त्रुटि से फर्जी बिलिंग के दायरे में आ जाते हैं, लेकिन जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों पर विभागीय सख्ती जारी रहेगी।

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