गढ़वा के सीएचसी धुरकी से 3–5 हजार में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा। बिना रिकॉर्ड और सत्यापन के जारी सर्टिफिकेट पर जांच शुरू।
Garhwa Fake Birth Certificate Scam: सीएचसी धुरकी में 3 से 5 हजार रुपये में बन रहे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, कई जिलों से जुड़ा नेटवर्क
गढ़वा: जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुरकी में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां 3 से 5 हजार रुपये में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने का आरोप लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि न सिर्फ गढ़वा, बल्कि दुमका, पाकुड़, गिरिडीह जैसे दूसरे जिलों के नाम पर भी अवैध रूप से सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सीएचसी कर्मचारियों और बाहरी दलालों का एक नेटवर्क लंबे समय से इस धांधली में शामिल है। दूसरे जिलों के लोग व्हॉट्सएप के जरिए बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम, पता और जन्म तिथि जैसी पूरी जानकारी भेजते हैं। यह जानकारी सीधे सीएचसी धुरकी के कुछ कर्मचारियों तक पहुंचती है।
Key Highlights
सीएचसी धुरकी से कई जिलों के नाम पर जारी हो रहे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
3 से 5 हजार रुपये लेकर दलाल बनवा रहे हैं Birth Certificate
बिना प्रसव रिकॉर्ड, बिना सत्यापन जन्म प्रमाण पत्र तैयार
कर्मचारियों को 100 से 1500 रुपये तक कमीशन
प्रभारी डॉक्टर रत्नेश कुमार बोले: फर्जीवाड़े की जांच शुरू, गलत प्रमाण पत्र रद्द होंगे
Garhwa Fake Birth Certificate Scam: बिना रिकॉर्ड और सत्यापन के तैयार हो रहा Birth Certificate
जांच में यह सामने आया है कि इन प्रमाण पत्रों के लिए न तो अस्पताल में प्रसव का कोई रिकॉर्ड देखा जाता है और न ही माता-पिता की पहचान का सत्यापन होता है। स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी एंट्री के बिना प्रमाण पत्र तैयार कर दिया जाता है। यह सीधे सरकारी नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि 9 वर्ष पुरानी जन्मतिथि के आधार पर भी यहां प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि दलाल ऑनलाइन भुगतान करवाते हैं और प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए 3 हजार से 5 हजार रुपये वसूलते हैं। कर्मचारियों को 100 से 1500 रुपये तक कमीशन दिया जाता है। भुगतान के कुछ घंटों या एक दिन के भीतर तैयार जन्म प्रमाण पत्र व्हॉट्सएप के जरिए भेज दिया जाता है।
Garhwa Fake Birth Certificate Scam: सीएचसी प्रभारी का बयान: जांच चल रही है, फर्जी सर्टिफिकेट रद्द होंगे
इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएचसी धुरकी के प्रभारी डॉक्टर रत्नेश कुमार ने स्वीकार किया कि जन्म प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और जो भी प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल रद्द किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग भी मामले की निगरानी में है और जिला प्रशासन को सूचना दी गई है।
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