बहरागोड़ाः माननीय राज्यपाल सी०पी० राधाकृष्णन ने भारत सरकार के उद्यम राइट्स लिमिटेड के सहयोग से गैर सरकारी संगठन सिटिज़न फ़ाउंडेशन के द्वारा आज बहरागोड़ा में आयोजित ‘स्वास्थ्य शिविर’ को संबोधित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि विगत 2 वर्षों में इन ग्रामीण क्षेत्रों में 50 नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये गए। जहां हजारों मरीजों का उपचार किया गया। यह 51वां स्वास्थ्य शिविर है जहां दूसरे प्रदेशों के भी विशेषज्ञ चिकित्सक आयें हैं जिनसे यहां के लोग लाभान्वित होंगे।
राज्यपाल महोदय ने कहा कि हम इस धरती पर जन्म लिए हैं तो मृत्यु सुनिश्चित है, तो फिर जन्म और मृत्यु के बीच में हमारा कर्तव्य क्या होना चाहिए? उन्होंने कहा कि हमारा जीवन सार्थक तभी है जब हम सिर्फ अपने लिए न जीकर समाज के लिए भी जीते हैं।
परोपकार सबसे बड़ा धर्म है
हम सभी भारतवासी जानते हैं कि ‘परोपकार सबसे बड़ा धर्म’ है और इसी धर्म का पालन करते हुए जब हमारे वैज्ञानिकों ने कोविड का टीका विकसित किया। तब माननीय प्रधानमंत्री जी ने न सिर्फ अपने देश की जनता को बल्कि अन्य देशों को भी नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराया। माननीय प्रधानमंत्री के इस पहल की सराहना पूरे विश्व में हुई।
इसी प्रकार लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की, जिससे 10 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। ज्ञात हो कि इस योजना की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की धरती झारखण्ड से ही की थी।
स्वास्थ्य ही धन है
राज्यपाल महोदय ने कहा कि स्वास्थ्य ही धन है। अत: लोगों को अपनी स्वास्थ्य की नियमित जांच करानी चाहिए। इस परिप्रेक्ष्य में, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। जो लोग अपने स्वास्थ्य की जांच नहीं करा पाते हैं, वे सुगमतापूर्वक इस शिविर में जाकर अपनी जांच करा सकते हैं।
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उन्हें नि:शुल्क दवाएं भी दी जाती है। स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से न सिर्फ लोगों का इलाज होता है बल्कि उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। राज्यपाल महोदय ने शिविर में आए चिकत्सकों को सम्मानित भी किया एवं शिविर में आए सभी के प्रति आभार प्रकट किया।


















