Hazaribagh Lightning Strike: गुरुवार को ज़िले के बड़कागांव और इचाक ब्लॉक में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक आंगनवाड़ी वर्कर भी शामिल हैं। इन हादसों के बाद प्रभावित गाँवों में मातम छा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों ने आपदा राहत नियमों के तहत पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवज़े की मांग की है।
महुआ पेड़ के पास बिजली गिरी; आंगनवाड़ी वर्कर की मौत
बड़कागांव ब्लॉक की अंगो पंचायत के फत्रियापानी गाँव की रहने वाली शांति देवी की बिजली गिरने से मौत हो गई। वह झिकझोर आंगनवाड़ी केंद्र में आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर काम करती थीं। खबरों के मुताबिक, गुरुवार शाम वह अपने घर के पास एक महुआ पेड़ से ‘डोरही’ (महुआ का फल/बीज) इकट्ठा करने गई थीं। अचानक बिजली गिरी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पंचायत समिति के प्रतिनिधि मुनेश्वर गंझू ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है।
खेत में काम करते समय किसान की मौत
बड़कागांव के पलंडू गाँव के रहने वाले किशन महतो की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। खबरों के अनुसार, वह गुरुवार दोपहर करीब 3:45 बजे अपने खेत में काम कर रहे थे। बारिश के बीच ज़ोरदार गर्जना के साथ बिजली गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद शव को 108 एम्बुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। मृतक के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियाँ हैं।
इचाक में खेत में काम करते समय हादसा
इचाक ब्लॉक के बरवा गाँव के रहने वाले 55 वर्षीय सुरेश प्रसाद मेहता (उर्फ़ चौधरी मेहता) की भी गुरुवार शाम बिजली गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गिरी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस हादसे के बाद परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं।
मुआवज़े की मांग; गाँवों में मातम
लगातार हुई इन घटनाओं से प्रभावित गाँवों में गमगीन माहौल है। स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आपदा राहत योजना के तहत मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है।
यह भी पढ़ें: Deoghar News: 10-20 हजार लेने के बाद भी नहीं मिला आवास! देवघर में योजना को लेकर बवाल
Highlights


















