रांची: मंत्री बसंत सोरेन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए भाजपा प्रत्याशी सीता सोरेन ने कहा कि झामुमो में न तो मुझे सम्मान मिला और न ही अधिकार।
मेरे पति दुर्गा सोरेन ने झामुमो को मजबूत बनाने के लिए काफी काम किया था। मैं खुद तीन बार से लगातार विधायक रही हूं, इसके बावजूद मुझे मंत्री नहीं बनाया गया।
जबकि, बसंत सोरेन, हफीजुल अंसारी को मंत्री बना दिया गया। सीता ने कहा कि मेरे लिए पार्टी छोड़ने का निर्णय लेना काफी कठिन था। हमें अलग-थलग कर घर से भगाया गया है।
इधर, भाजपा में शामिल होने के बाद सीता सोरेन ने पहली बार रविवार को आरएसएस के कार्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों और भाजपा के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की।
बैठक में तय किया गया कि आरएसएस के स्वयंसेवक छोटी-छोटी टोलियां बनाकर एक-एक घर तक पहुंचेंगे। बैठक में यह जानकारी दी गई कि चुनाव में एक-एक वोट का महत्व है।
आरएसएस के स्वयंसेवकों ने कहा कि हम राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रहित व भारत को विश्वगुरु बनाने के सपने को साकार करने के लिए भाजपा के प्रत्याशी को जीत दिलाएंगे।
Highlights


















