झारखंड मे ट्रांसफॉर्मर फ्यूज होने की बढ़ी समस्या

रांची: बढ़ती गर्मी के साथ ही लोगों को बिजली व्यवस्था रूला रही है. एक तो तेज गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. वहीं, बार-बार बिजली कटौती लोगों को पानी से लेकर एसी, कूलर, पंखा, फ्रीज जैसे जरूरी उपकरण चलाने में परेशानी हो रही है.

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हालांकि बिजली वितरण निगम का दावा है कि बिजली की कहीं कोई समस्या नहीं है. लोकल फॉल्ट के कारण अलग-अलग इलाकों में बिजली काटी जा रही है. बिजली काटने की प्रमुख वजह ग्रिड और ट्रांसफॉर्मर में अधिक लोड पड़ना है. जिससे बार-बार बिजली वितरण सिस्टम में फॉल्ट की समस्या आ रही है. वहीं, कुछ इलाकों में लोड अधिक बढ़ने से समय-समय पर शटडाउन कर पावर सिस्टम को सामान्य किया जाता है.

बता दें गर्मी के साथ ही राज्य के साथ साथ राजधानी में भी बिजली की मांग बढ़ गयी है. जहां राज्य में बिजली की मांग 2600 मेगावाट तक बढ़ गयी है. वहीं, राजधानी में बिजली की औसत मांग 300 मेगावाट तक पहुंच गयी है. जबकि वितरण निगम का दावा है कि यहां 315 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति की जा रही है. वर्तमान समय में सबसे अधिक समस्या ट्रांसफार्मर फ्यूज होने और लोकल लोड के कारण शटडाउन करने से हो रही है. राज्य में एक ट्रॉसफॉर्मर से लगभग 250 घरों को बिजली दी जाती है.

जबकि इसकी क्षमता पावर के साथ अधिकतम 150 घरों को बिजली देने की है. जिससे ट्रांसफार्मर जलने और उड़ने की समस्या हो रही है. इनके मरम्मत के लिये भी इलाकों में शटडाउन किया जाता है. हालांकि बिजली वितरण निगम का आदेश है कि शहरी इलाकों में छह से सात घंटे में और ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे में बिजली मरम्मत कार्य पूरा किया जायें. लेकिन वर्तमान समय में ऐसा नहीं हो पा रहा है. अधिकांश इलाकों में अब भी पुराने कटे फटे तार से ही बिजली आपूर्ति की जा रही है. ऐसे में लोकल फॅाल्ट या हल्की बारिश होने पर भी बिजली काटी जाती है.

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