रांची में इंडेन गैस सप्लाई व्यवस्था सुधरने के बावजूद 8000 उपभोक्ता अब भी परेशान हैं। डीएसी नंबर में देरी और लंबी डिलीवरी से बढ़ी मुश्किलें।
Indane Gas Crisis रांची: राजधानी में इंडेन गैस की सप्लाई व्यवस्था में हाल के दिनों में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इंडेन के आंकड़ों के अनुसार शहर में अब भी करीब 8000 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्हें गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 10 से 20 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या डीएसी नंबर को लेकर सामने आ रही है, जहां बुकिंग के 5 से 7 दिन बाद भी उपभोक्ताओं को डीएसी नंबर नहीं मिल रहा है।
Key Highlights
राजधानी रांची में इंडेन गैस की सप्लाई व्यवस्था आंशिक रूप से सुधरी
अब भी 8000 उपभोक्ताओं को 10 से 20 दिन तक इंतजार
डीएसी नंबर मिलने में 5 से 7 दिन से अधिक की देरी
44 एजेंसियों का कुल बैकलॉग घटकर 45 हजार के करीब
कई उपभोक्ता कोयला और इंडक्शन पर खाना बनाने को मजबूर
Indane Gas Crisis: डीएसी नंबर में देरी से बढ़ी परेशानी
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बैकलॉग कम करने के लिए ऑयल कंपनियों ने नया नियम लागू किया है। इसके तहत जिन एजेंसियों में औसत बिक्री से तीन गुना अधिक बुकिंग लंबित है, वहां नई बुकिंग का डीएसी नंबर जारी नहीं किया जाता। पहले पुरानी बुकिंग को क्लियर किया जाता है, उसके बाद ही नई बुकिंग को डीएसी नंबर मिलता है।
इसी वजह से उपभोक्ताओं को कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
Indane Gas Crisis: 45 हजार तक घटा बैकलॉग, फिर भी राहत अधूरी
शहर की 44 गैस एजेंसियों का कुल बैकलॉग घटकर लगभग 45 हजार पर पहुंच गया है, जो डेढ़ महीने बाद पहली बार 50 हजार से नीचे आया है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को औसतन 9 से 15 दिनों की डिलीवरी अवधि झेलनी पड़ रही है।
सबसे अधिक लंबित बुकिंग वाली एजेंसियों में जयंत गैस कंपनी, अल्फा इंडेन, झलक इंडेन और उरांव गैस एजेंसी शामिल हैं। वहीं आनंद गैस सर्विस और इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी में भी बड़ी संख्या में बुकिंग लंबित हैं।
Indane Gas Crisis: दरवाजा बंद बताकर ऑर्डर कैंसिल होने की शिकायत
हरमू हाउसिंग कॉलोनी निवासी रवींद्र राकेश ने बताया कि डीएसी नंबर मिलने के 15 दिन बाद उन्हें इंडेन की ओर से मैसेज मिला कि ‘डोर क्लोज्ड’ यानी दरवाजा बंद रहने के कारण उनका ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया है।
रवींद्र ने कहा कि उनके घर में हमेशा कोई न कोई मौजूद रहता है, इसलिए दरवाजा बंद रहने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से परिवार कहीं बाहर भी नहीं गया है।
Indane Gas Crisis: एजेंसियों की सफाई
एजेंसी संचालकों का कहना है कि कई बार उपभोक्ता फोन नहीं उठाते या डिलीवरी के समय कहते हैं कि बाद में सिलेंडर लेंगे क्योंकि खाली सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में बुकिंग कैंसिल करनी पड़ती है और सिस्टम में कारण दर्ज करना अनिवार्य होता है।
हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि कई मामलों में बिना सही प्रयास के ही ऑर्डर कैंसिल कर दिया जाता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
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