ONGC Bokaro Health Camp: सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओएनजीसी (ONGC) बोकारो की एचएसई, चिकित्सा और सीएसआर टीम ने 12 अक्टूबर 2026 को झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित गांधी उच्च विद्यालय में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में धनबाद के असरफी चैरिटेबल ट्रस्ट ने सहयोग किया। शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना था। आयोजन के दौरान स्थानीय निवासियों ने भाग लेकर चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाया।
डॉक्टरों ने की स्वास्थ्य जांच, दी जरूरी सलाह
ओएनजीसी बोकारो और असरफी अस्पताल के डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने शिविर में लोगों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिया। लोगों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पोषण और सामान्य बीमारियों के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से स्थानीय लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
सीएसआर के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य पर जोर
ओएनजीसी ने कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत सामुदायिक कल्याण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के जरिए स्थानीय समुदायों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ओएनजीसी बोकारो के एसेट मैनेजर राजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर को सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
ओएनजीसी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया समन्वय
स्वास्थ्य शिविर के सफल संचालन में ओएनजीसी के प्रतिनिधि डॉ. आशीष यादव, अभिषेक गौतम, शशि शेखर, डॉ. शशांक शेखर और सहैल अल्वी ने समन्वय किया। डीजीएमएस (खनन) के निदेशक श्याम मिश्रा ने ओएनजीसी और असरफी चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ मिलकर स्थानीय खनन समुदायों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्थानीय समुदायों के स्वास्थ्य सुधार की पहल
गांधी उच्च विद्यालय में आयोजित इस शिविर के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। ओएनजीसी सीबीएम एसेट की इस पहल को सामुदायिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़कर देखा गया। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच एवं उचित चिकित्सा परामर्श के महत्व को बढ़ावा देना है।


















