Advertisment

Jharkhand Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के कारोबारी नवीन केडिया पर ACB का शिकंजा, देशभर के एयरपोर्ट पर Lookout Notice

झारखंड शराब घोटाले की जांच में एसीबी ने कारोबारी नवीन केडिया के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराया। कोर्ट आदेश की अवमानना और फरारी का आरोप।


Jharkhand Liquor Scam रांची: झारखंड में शराब घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो एंटी करप्शन ब्यूरो ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। एसीबी ने उसके विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी करवाया है, जिसे देश के सभी एयरपोर्ट पर भेज दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी देश छोड़कर बाहर न भाग सके।

Jharkhand Liquor Scam: पेश नहीं हुआ तो होगी संपत्ति की कुर्की

एसीबी के अनुसार, यदि नवीन केडिया की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो उसे क्रमशः तीन नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद यदि वह जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो एसीबी विशेष अदालत से उसके घर और संपत्ति की कुर्की जब्ती की अनुमति मांगेगी। केडिया पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का भी गंभीर आरोप है। इसी बीच उसके विदेश भागने की आशंका की सूचना मिलने के बाद एसीबी की टीम उसके छत्तीसगढ़ और दिल्ली स्थित ठिकानों पर लगातार नजर रखे हुए है।


Key Highlights

नवीन केडिया के खिलाफ देशभर के एयरपोर्ट पर लुकआउट नोटिस

कोर्ट आदेश की अवमानना और फरारी का गंभीर आरोप

एसीबी ने छत्तीसगढ़ और दिल्ली के ठिकानों पर बढ़ाई निगरानी

गोवा से गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट बेल पर छूटा था आरोपी

चार्जशीट में देरी से कई आरोपियों को मिली डिफॉल्ट बेल


Jharkhand Liquor Scam: गोवा से गिरफ्तारी के बाद फरार हुआ आरोपी

एसीबी ने नवीन केडिया को 8 जनवरी को गोवा के एक स्पा सेंटर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद गोवा की अदालत ने उसे चार दिन की ट्रांजिट बेल दी थी। शर्त यह थी कि वह देश नहीं छोड़ेगा और 12 जनवरी की शाम रांची में एसीबी के अनुसंधानकर्ता के समक्ष पेश होगा। लेकिन तय समय पर पेश होने के बजाय आरोपी फरार हो गया, जिसके बाद एसीबी ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।

Jharkhand Liquor Scam: चार्जशीट में देरी से आरोपियों को मिल रही डिफॉल्ट बेल

शराब घोटाले की जांच में एक और अहम पहलू सामने आया है। पिछले एक साल में एसीबी ने इस घोटाले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन समय पर चार्जशीट दायर नहीं की गई। कई आरोपियों को 90 दिनों से अधिक समय तक जेल में रखा गया, परंतु चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण उन्हें डिफॉल्ट बेल मिलती गई और वे जेल से बाहर आ गए। इनमें पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह, पूर्व आयुक्त अमित प्रकाश, शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया, तत्कालीन जीएम सुधीर दास, पूर्व जीएम सुधीर कुमार, मार्शन कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार, विजन कंपनी के महेश शेडगे और परेश अभेसिंह ठाकुर के नाम शामिल हैं।

BSL Contract Workers PPE: संविदा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर BSL...

BSL Contract Workers PPE: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वर्कप्लेस पर सुरक्षा के उपायों को और...

Ranchi Drug Awareness Program: रांची में नशे के खिलाफ बड़ा जागरूकता...

Ranchi Drug Awareness Program: रोटरी क्लब ऑफ रांची साउथ की ओर से विवेकानंद विद्यामंदिर, सेक्टर-2, धुर्वा में “Say No to Drugs and Yes to...

Dhanbad Coal Scam ED Summons: कोयला घोटाले में ED का बड़ा...

Dhanbad Coal Scam ED Summons: कोयला घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनबाद के कोयला व्यापारी एलबी सिंह से जुड़े लोगों...