Jharkhand Monsoon Update: समय से पहले पहुंचा मॉनसून, 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की एंट्री हो गई है। 12 जिलों में तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


Jharkhand Monsoon Update रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है। पिछले वर्ष जहां मॉनसून 17 जून को राज्य में पहुंचा था, वहीं इस बार 12 जून को ही इसकी एंट्री हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मॉनसून बंगाल की खाड़ी से होते हुए संताल परगना क्षेत्र के रास्ते राज्य में प्रवेश कर चुका है और कई जिलों को कवर भी कर लिया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने शनिवार 13 जून को राज्य के 12 जिलों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

Jharkhand Monsoon Update:12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के उत्तर-पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भागों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा। गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, वज्रपात होने और बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य 12 जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवा, मेघ गर्जन और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोगों से अपील की है कि वज्रपात के दौरान खेतों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े न रहें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।


Key Highlights

  • झारखंड में पिछले वर्ष की तुलना में पांच दिन पहले पहुंचा मॉनसून

  • 12 जिलों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट

  • 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

  • अगले 72 घंटे में राज्य के अन्य हिस्सों में मॉनसून के विस्तार की संभावना

  • अलनीनो के प्रभाव से इस वर्ष सामान्य से कम बारिश की आशंका


Jharkhand Monsoon Update:संताल परगना के रास्ते राज्य में पहुंचा मॉनसून

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून शुक्रवार को झारखंड में प्रवेश कर गया। इसके प्रभाव से जामताड़ा, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, धनबाद, गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम के कई हिस्से मॉनसूनी गतिविधियों के दायरे में आ चुके हैं।

उन्होंने बताया कि अगले 72 घंटों के दौरान मॉनसून के राज्य के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। 11 जून को पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रवेश करने के बाद मॉनसून ने झारखंड में दस्तक दी है।

हालांकि राज्य के कई हिस्सों में मॉनसून आने से पहले ही प्री-मानसून बारिश का दौर जारी था। बीते 24 घंटे में पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया में सर्वाधिक 92.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

Jharkhand Monsoon Update:पिछले वर्षों में कब पहुंचा मॉनसून

झारखंड में मॉनसून के आगमन की तिथियों पर नजर डालें तो इस वर्ष इसकी एंट्री अपेक्षाकृत जल्दी हुई है।

वर्षमॉनसून आगमन
202612 जून
202517 जून
202430 मई
20238 जून

वहीं मॉनसून सीजन (1 जून से 30 सितंबर) के दौरान हुई वर्षा के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों में बारिश का स्तर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है।

वर्षवर्षा (मिमी)
20251198.8
20241022
2023751.6
20221085

Jharkhand Monsoon Update:अलनीनो के कारण कम बारिश की आशंका, सरकार सतर्क

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। अनुमान है कि झारखंड में सामान्य वर्षा की तुलना में 30 से 35 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसका सीधा असर धान की रोपाई और कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।

संभावित सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और कृषि विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। सभी जिलों से सूखा प्रभावित परिस्थितियों में बोई जाने वाली फसलों और उनकी उपयुक्त किस्मों की रिपोर्ट मांगी गई है। कृषि विभाग के साथ पशुपालन, मत्स्य और गव्य विकास विभाग को भी समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है।

बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो किसानों को वैकल्पिक फसलों और उन्नत बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

 

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