झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर कमजोर होने के बावजूद बारिश जारी है। रांची समेत कई जिलों में तापमान गिरा। पलामू, गढ़वा समेत 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी।
Jharkhand Weather Update रांची:Jharkhand तूफान अर्नब का असर अब कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन झारखंड में इसके प्रभाव से Weather का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजधानी रांची समेत कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को अब ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोग छाते के साथ गर्म कपड़ों का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
Jharkhand Weather Update: रांची के तापमान में 7 डिग्री से अधिक की गिरावट, बढ़ी ठंड
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से लगातार हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर तापमान पर देखने को मिला है। राजधानी रांची में दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
28 अक्टूबर को रांची के अधिकतम तापमान में 5.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई थी। वहीं, 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया।
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में कमी आई है, जबकि ठंडी हवाओं से सुबह और रात में सिहरन महसूस होने लगी है।
पलामू, गढ़वा समेत 5 जिलों में Yellow Alert, वज्रपात की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को झारखंड के पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश और वज्रपात होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब कमजोर हो चुका है। हालांकि, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसका प्रभाव झारखंड के खासकर दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
3 नवंबर तक राज्य के दक्षिणी इलाकों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं सुबह के समय कुहासा भी देखने को मिल सकता है।
31 अक्टूबर से रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 नवंबर से पूरे राज्य में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, आसमान साफ होने के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ सकती है।
धान की फसल पर बारिश का मिला-जुला असर, किसानों को सलाह
लगातार हो रही बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। कुछ इलाकों में धान की पक चुकी फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि जिन खेतों में धान की फसल अभी पकने की प्रक्रिया में है, वहां इस बारिश से फायदा हुआ है।
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार के अनुसार, लोहरदगा, चाईबासा, मांडर और सिमडेगा के कुछ खेतों में धान की फसल पक चुकी थी। तेज बारिश के कारण धान की बालियां खेतों में झुक गई हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
वहीं, जिन जिलों में धान की फसल अभी पकनी शुरू हुई है, वहां बारिश से फायदा मिलने की संभावना है।
डॉ. रमेश कुमार ने किसानों को कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं।
खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को जल्द बाहर निकालें।
सब्जियों के पौधों को गिरने से बचाने के लिए उचित सहारा दें।
धान की पकने वाली फसल की कटाई से करीब दो सप्ताह पहले सिंचाई बंद कर दें।
मौसम अनुकूल रहने पर किसान सरसों की बुआई कर सकते हैं।
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