जेपी जयंती विशेष : रोज टूटते लोकनायक के सपने…

एसके राजीव

लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने कहा था कि अतीत में हुए आंदोलन से अगर हम सीख नहीं लेते हैं तो इतिहास खुद को दोहराता है। जेपी के आंदोलन से उपजे उनके शागिर्द 1990 से लगातार बिहार की सत्ता पर काबीज तो हैं लेकिन उन्होंने भी जेपी के सपनों को धरातल पर उतारने की कोशिश नहीं की लिहाजा जे पी के खुद के प्रदेश में आज भी  भ्रष्टाचार चरम पर है। रोज जेपी के सपने खंडित हो रहे हैं।

छपरा के सिताब दियारा में 11 अक्टूबर 1902 को जन्मे जयप्रकाश नारायण ने लाखों नौजवानों की मौजूदगी में पटना के गांधी मैदान से 1974 में जब संपूर्ण क्रांति का बिगुल फूंका था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह आंदोलन दिल्ली की सत्ता को हिला कर रख देगा। जिसकी आग पटना से निकलकर पूरे देश में फैल गई। सन 1974 में जेपी ने तत्कालीन इंदिरा सरकार के भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा में कुव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। जेपी आंदोलन से निकले बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राजद नेता वृषिण पटेल ने भी याद किया।

जेपी व्यवस्था में परिवर्तन चाहते थे लेकिन इसके लिए वे सत्ता परिवर्तन पर जोर देते थे। जेपी कहते थे कि सरकार अगर अनुमति दे तो लोग खुद ही समस्या का हल खोज लेंगे अपना नेता चुनेंगे। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अपने हित में खुद कर लेंगे जिससे उनका शोषण नहीं होगा। जेपी की उसी सोच को हकीकत की सरजमीं पर लाने के लिये उनके चेले नीतीश 18 वर्षों से बिहार की गद्दी पर आसीन है और आज उनकी जयंती पर उन्हें कैसे याद करते हैं।

जेपी ने वृद्धावस्था में नौजवानों का नेतृत्व किया था और बिहार में लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और स्व. रामविलास पासवान जैसे नेता उन्हीं के आंदोलन की उपज हैं। जेपी हमेशा से राजनीति में परिवारवाद का विरोध करते रहे। जेपी ने यह भी कहा था कि अगर सत्ता 10 साल से ज्यादा किसी के हाथ में दोगे तो फिर वह सेवक न बनकर शासक बन जाएगा। जेपी से जुड़े लोग आज भी जेपी के सपनों को उनके ही शहर में रोज टूटते और बिखरते देख रहे हैं।

जेपी  ‘लोकनायक’ की उपाधि से नवाजे जाने वाले देश के पहले नेता हैं। जिन्होंने प्रधानमंत्री का पद सीधे यह कहकर ठुकरा दिया था और कहा था कि सेवा के लिए सत्ता पर काबिज होना जरूरी नहीं है। शायद इसी वजह से 1998 में उन्हें तत्कालीन भारत सरकार ने सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। आज उनकी जयंती पर बिहार सहित पूरा देश उन्हें याद तो कर रहा है। लेकिन आज भी लोकनायक के सपने अधूरे हैं और वे तब तक रहेंगे। जबतक लोक यानी जनता अपने वास्तविक अधिकारों से मरहूम रहेगी।

https://22scope.com

https://youtube.com/22scope

Basukinath Shravani Mela 2026: बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में DGP की...

Basukinath Shravani Mela 2026: झारखंड की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम का दौरा किया। उन्होंने रीति-रिवाजों के...

Hazaribagh Police Encounter: केरेडारी में पुलिस से भिड़ा राहुल दुबे गैंग,...

Hazaribagh Police Encounter: जिले के केरेडारी और टंडवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और कथित राहुल दुबे गैंग के सदस्यों के बीच मुठभेड़...

Bokaro Bal Sudhar Grih News: बोकारो बाल सुधार गृह में एक...

Bokaro Bal Sudhar Grih News: चास स्थित बाल सुधार गृह में कई किशोरों के बीमार पड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।...