JPSC Controversy: JPSC में फैसलों पर उठे सवाल, सदस्यों की आपत्ति के बावजूद आगे बढ़े कई अहम निर्णय

 JPSC में निवर्तमान अध्यक्ष एल. ख्यांगते के कार्यकाल में कई अहम फैसलों पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। इसके बावजूद निर्णय आगे बढ़ने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।


JPSC Controversy रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC में परीक्षा और नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। निवर्तमान अध्यक्ष एल. ख्यांगते के कार्यकाल में आयोग की बैठकों में कई प्रस्तावों पर सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद संबंधित प्रस्तावों और निर्णयों को आगे बढ़ाया गया।

आयोग सूत्रों के अनुसार, निवर्तमान अध्यक्ष के कार्यकाल में करीब 30 आयोग की बैठकें हुईं। इनमें लगभग आधा दर्जन ऐसे अवसर रहे, जब दो या तीनों सदस्यों ने किसी प्रस्ताव या निर्णय पर असहमति जताई। इसके बावजूद संबंधित फैसलों को अंतिम रूप दिए जाने की बात सामने आई है।

JPSC Controversy: डिजिटल मूल्यांकन से लेकर 50 कॉपियां जांचने पर उठे सवाल

भर्ती परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं के कंप्यूटर आधारित मूल्यांकन लागू करने के फैसले पर आयोग के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। सदस्यों का तर्क था कि सभी परीक्षक डिजिटल मूल्यांकन की प्रक्रिया में दक्ष नहीं हैं। इसके बावजूद कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

इसी तरह एक परीक्षक के लिए प्रतिदिन जांची जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 करने के फैसले पर भी सदस्यों ने सवाल उठाए थे। करीब 42 पेज की एक उत्तर पुस्तिका के हिसाब से एक परीक्षक को रोज लगभग 2,100 पेज जांचने पड़ते। सदस्यों की चिंता थी कि इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों का मूल्यांकन करने पर जांच की गुणवत्ता और शुद्धता कैसे सुनिश्चित होगी।


Key Highlights

  • निवर्तमान अध्यक्ष एल. ख्यांगते के कार्यकाल में करीब 30 आयोग की बैठकें होने की बात सामने आई है।

  • करीब आधा दर्जन बैठकों में दो या तीन सदस्यों ने प्रस्तावों या निर्णयों पर आपत्ति जताई।

  • उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन और एक दिन में 50 कॉपियां जांचने के फैसले पर सवाल उठे।

  • 14वीं सिविल सेवा PT रिजल्ट से पहले तीनों सदस्यों ने कम से कम 10 OMR शीट की फॉरेंसिक जांच की मांग की थी।

  • APP रिजल्ट को लेकर भी दो सदस्यों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद परिणाम जारी कर दिया गया।


JPSC Controversy: 14वीं सिविल सेवा PT रिजल्ट पर तीनों सदस्यों की आपत्ति

14वीं सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को लेकर भी आयोग के भीतर मतभेद सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, तीनों सदस्यों ने एजेंसी द्वारा तैयार किए गए परिणाम पर असंतोष जताया था।

सदस्यों ने परिणाम जारी करने से पहले कम से कम 10 OMR शीट की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। हालांकि, आपत्ति और फोरेंसिक जांच की मांग के बावजूद परिणाम जारी कर दिया गया।

APP परीक्षा के परिणाम को लेकर भी तीन में से दो सदस्यों ने एजेंसी द्वारा तैयार परिणाम पर असहमति जताई थी। इसके बावजूद सदस्यों की आपत्तियों का समाधान किए बिना परिणाम जारी किए जाने की बात सामने आई है। इससे सवाल उठ रहा है कि जब आयोग के सदस्य ही परिणाम को लेकर आश्वस्त नहीं थे, तो उसे जारी करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई।

JPSC Controversy: असहमति के बावजूद अंतिम फैसला कैसे हुआ, यही बड़ा सवाल

आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर नजर रखने वाले एक पूर्व सदस्य के अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस संवैधानिक संस्था पर लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करने की जिम्मेदारी है, उसके भीतर सदस्यों की असहमति दर्ज होने के बाद भी निर्णय किस आधार पर अंतिम रूप लेते रहे।

परीक्षा प्रक्रिया, मूल्यांकन और परिणाम जैसे महत्वपूर्ण मामलों में यदि आयोग के सदस्य आपत्ति दर्ज कराते हैं, तो उन आपत्तियों का समाधान और उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक महत्व का विषय बन जाता है। खासकर तब, जब संबंधित परीक्षाओं के परिणाम का सीधा असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है।

ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस भर्ती परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर आयोग के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी, उसी प्रक्रिया के आधार पर तैयार अंतिम परिणाम पर बाद में किस तरह सहमति बनी। अब JPSC की कार्यप्रणाली को लेकर उठे ये सवाल जांच के दायरे में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

 

Roopi Soren Last Rites: आज नेमरा में होगा रूपी सोरेन का...

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को नेमरा में होगा। सुबह 9 बजे तक मोरहाबादी आवास पर...

JPSC JSSC CGL Exam: झारखंड हाईकोर्ट ने पूछा, CID जांच अधूरी...

 झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले पर सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने 2500 सफल अभ्यर्थियों के साथ...

Patna Lucknow Flight: 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान पर...

 पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की उड़ान 6E925 करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। विमान...