Kacchi Dargah Bidupur Mahasetu: गंगा पर बन रहा बिहार का शानदार 6-लेन महासेतु, उत्तर-दक्षिण बिहार की दूरी होगी कम

Kacchi Dargah Bidupur Mahasetu, पटना: बिहार के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने वाली कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन महासेतु परियोजना लगभग तैयार है। गंगा नदी पर करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक तकनीक से तैयार इस एक्स्ट्राडोज्ड केबल ब्रिज को राज्य के सड़क नेटवर्क की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है।

9.76 किलोमीटर लंबा है 6-लेन महासेतु

पथ निर्माण विभाग की देखरेख में बीएसआरडीसीएल की ओर से बनाए गए कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन पुल की लंबाई करीब 9.76 किलोमीटर है। यह पुल 67 पिलरों पर टिका हुआ है। पहुंच पथों को शामिल करने के बाद पूरी परियोजना की कुल लंबाई करीब 19.30 किलोमीटर हो जाती है। आधुनिक एक्स्ट्राडोज्ड केबल तकनीक पर आधारित यह पुल गंगा नदी के दोनों किनारों को जोड़ने के साथ बिहार के सड़क नेटवर्क को भी मजबूती देगा। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

उत्तर बिहार से पटना का संपर्क होगा आसान

महासेतु के चालू होने से पटना का समस्तीपुर सहित उत्तर बिहार के विभिन्न हिस्सों से सीधा संपर्क मजबूत होगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और आवागमन में लगने वाला समय भी कम हो सकेगा। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, यह परियोजना केवल एक पुल तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुल के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पटना के ट्रैफिक दबाव को कम करने में मिलेगी मदद

कच्ची दरगाह-बिदुपुर महासेतु के निर्माण से पटना और आसपास के इलाकों में यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। परियोजना के शुरू होने से कृषि उत्पादों और अन्य सामानों के परिवहन को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक आवाजाही को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।

पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा मार्ग से जुड़ेगा नेटवर्क

पथ निर्माण विभाग के सचिव के अनुसार, महासेतु के माध्यम से पटना रिंग रोड और आमस-दरभंगा मार्ग के बीच कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा दानापुर, दीघा, शिवाला, बिहटा, कन्हौली, डुमरी, नयागांव, तेलवारीचक, कच्ची दरगाह और सबलपुर जैसे क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर करने में भी परियोजना की भूमिका होगी। इससे राजधानी पटना के आसपास एक मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों को भी सुगम मार्ग मिल सकेगा।

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5000 करोड़ की परियोजना में 67 पिलर

कच्ची दरगाह-बिदुपुर महासेतु परियोजना पर करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत आयी है। पुल की लंबाई 9.76 किलोमीटर है, जबकि पहुंच पथ समेत पूरी परियोजना करीब 19.30 किलोमीटर लंबी है। 6-लेन पुल को 67 पिलरों के सहारे तैयार किया गया है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से निर्मित यह महासेतु बिहार में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन के साथ व्यापारिक संपर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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