रांची : झारखंड की सियासत में इनदिनों हलचल तेज है.
वहीं लगातार सीएम आवास पर सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बैठक कर रहे हैं.
इसी सियासी हलचल के बीच कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय रांची पहुंच चुके हैं.
News 22 Scope से खास बातचीत में अविनाश पांडेय ने कहा कि राज्य में राजनीति हलचल है,
लेकिन गठबंधन की सरकार अच्छा कार्य कर रही है.
सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य की जनता के लिए कई अच्छे निर्णय लिये जा रहे हैं.
मंत्रीमंडल के सभी सदस्य अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं.
राज्य में चाहे सूखा हो या आकाल या पानी की समस्या हो उसपर अच्छे निर्णय लिये जा रहे हैं.
सरकार बढ़िया काम कर रही है. एक स्थिरता निर्माण करने का प्रयत्न शुरू है.
जिसको लेकर गठबंधन के सभी सदस्य मुकाबला करने के लिए एकजुट हुए हैं.
झारखंड की सियासत :Plan-B पर अविनाश पांडेय ने दिया ये जवाब
अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता जाती है तो सरकार का Plan-B क्या होगा,
इस पर अविनाश पांडेय ने कहा कि जिस दिन इस प्रकार का कोई निर्णय आयेगा उस समय
गठबंधन के जितने भी सदस्य हैं उसपर बैठकर चर्चा करेंगे. उसके बाद निर्णय लिये जाएंगे.
News 22 Scope ने जब पूछा कि झारखंड की सियासत हलचल तेज है और
ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिकनिक मनाने के लिए खूंटी गए.
इस पर उन्होंने कहा कि मुझे इसपर कोई आपत्तिजनक नहीं लगता है. महागठबंधन और विधायकों में सबकुछ ठीक है. सरकार पर कोई खतरा नहीं है.
झारखंड में सियासी गहमागहमी जारी
गौरतलब है कि लाभ के पद मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायकी पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए सरकार को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है. देर रात सीएम आवास में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक चली जिसमें उन्हे रांची न छोड़ने के निर्देश दिए गए. बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाथ पांडेय भी शामिल हुए.
नौका विहार करने के बाद वापस सीएम आवास लौटे विधायक
झारखंड की सियासत – शनिवार को इससे पहले सत्ता पक्ष के सभी विधायक सीएम आवास में जमा हुए थे जहां से बसों में बैठाकर उन्हे लतरातू डैम और डूमरगढ़ी गेस्ट हाउस ले जाया गया. डैम में नौका विहार करने और घूमने-फिरने के बाद विधायक वापस सीएम आवास लौट आए जिसके बाद बैठक शुरू हुई. इस बीच दिनभर अटकलों का बाज़ार गर्म रहा.
खासकर जब कैमरे में विधायकों की गाड़ियों में लगेज की तस्वीरें कैद हुई तो चर्चा तेज हो गई कि विधायकों को कहीं शिफ्ट करने की तैयारी है. हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ. झामुमो के लिए अच्दी बात यह रही कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाभी सीता सोरेन और भाई बसंत सोरेन पूरे दिन टीम के साथ मौजूद रहे. इन दोनों के बारे में कयास लगाया जा रहा था कि वे नाराज चल रहे हैं. लोबिन हेम्ब्रम भी साथ रहे.
रिपोर्ट: करिश्मा सिन्हा
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