रांची. हाइकोर्ट ने दो पूर्व न्यायाधीशों (स्वर्गीय) की पत्नियों द्वारा लिखे गये पत्र गंभीरता से लिया तथा स्वतः संज्ञान से उसे याचिका में तब्दील कर दिया.
एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर व जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दयर करने का निर्देश दिया. साथ ही खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तिथि निर्धारित की.
इससे पूर्व हाइकोर्ट ने तीन जनवरी को मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था. मामले में मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव, वित्त सचिव, हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को प्रतिवादी
बनाया था.
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार से मिलनेवाली सुविधा को लेकर हाइकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे (स्वर्गीय) प्रशांत कुमार की पत्नी अलका श्रीवास्तव तथा जस्टिस (स्वर्गीय) प्रदीप कुमार की पत्नी मीता कुमार ने हाइकोर्ट को पत्र लिखा है.
उन्होंने झारखंड सरकार के संकल्प संख्या-9950, दिनांक 20 नवंबर 2015 के तहत मिलनेवाली सुविधा दिलाने का आग्रह किया है.
Highlights

















