झारखंड ट्रेजरी घोटाले में SIT की पहली गिरफ्तारी, आरोपी के खाते में 3 करोड़ ट्रांसफर का खुलासा, जांच तीन जिलों में तेज।
Treasury Scam Jharkhand रांची: झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच में जुटी Criminal Investigation Department Jharkhand की एसआईटी ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एसपी कार्यालय की लेखा शाखा से जुड़े अवैध निकासी मामले में की गई है, जिससे पूरे घोटाले की परतें खुलने लगी हैं।
गिरफ्तार आरोपी सौरभ कुमार सिंह को रांची में विशेष कोर्ट में पेश करने के बाद Birsa Munda Central Jail भेज दिया गया है। वह मुख्य आरोपी रजनीश कुमार सिंह का मौसेरा भाई बताया जा रहा है।
Treasury Scam Jharkhand:अवैध निकासी मामले में पहली SIT गिरफ्तारी
सीआईडी द्वारा केस टेकओवर करने और एसआईटी जांच शुरू होने के बाद यह पहली गिरफ्तारी है। हालांकि इससे पहले हजारीबाग के Lohsinghna Police Station में दर्ज केस के आधार पर जिला पुलिस पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें मुख्य आरोपी शंभु कुमार, उसकी पत्नी काजल कुमारी, रजनीश कुमार सिंह, उसकी पत्नी खुशबू सिंह और धरिंद्र सिंह शामिल हैं। इस तरह अब तक कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Key Highlights
ट्रेजरी घोटाले में SIT की पहली गिरफ्तारी हजारीबाग से
आरोपी के खाते में 3 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा
अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी
1.50 करोड़ रुपये की एफडी और लाखों की राशि खाते में बरामद
बोकारो और चाईबासा में जांच तेज, 23 रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे
Treasury Scam Jharkhand:3 करोड़ ट्रांसफर और फर्जी एफडी का खुलासा
पूछताछ में सौरभ सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि उसका मौसेरा भाई रजनीश कुमार सिंह पिछले कई वर्षों से उसके बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहा था और अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुका है।
सौरभ के अनुसार, रजनीश ने उसे भरोसा दिलाया था कि यह पैसा सुरक्षित है और उसे कुछ रकम रखने की भी अनुमति थी। इसी के तहत उसने 90 लाख और 60 लाख रुपये की दो एफडी कराई, जिनकी कुल राशि 1.50 करोड़ रुपये है। इसके अलावा खाते में करीब 18.86 लाख रुपये भी मौजूद हैं।
Treasury Scam Jharkhand:तीन जिलों में जांच तेज, बोकारो बनेगा अगला केंद्र
एसआईटी अब हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा के एसपी कार्यालयों में हुई अवैध निकासी की जांच कर रही है। जांच के दायरे को बढ़ाते हुए अब बोकारो को अगला बड़ा केंद्र बनाया गया है।
उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव Amitabh Kaushal की अध्यक्षता वाली एसआईटी 8 मई को बोकारो पहुंचेगी, जहां एसपी कार्यालय और ट्रेजरी से जुड़े फर्जी भुगतान और संदिग्ध लेनदेन की जांच की जाएगी।
इसके लिए एसआईटी ने बोकारो एसपी कार्यालय से 23 अहम दस्तावेज तलब किए हैं, जिनमें बजट आवंटन, भुगतान रजिस्टर, जीपीएफ निकासी स्टेटमेंट, कर्मचारियों का विवरण और बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी भुगतान की पूरी परत खोली जाएगी।
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