रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, जिसमें एनडीए (को 13 सीटों पर लीड मिल रही है। यह आंकड़ा पहले 11 सीटों का था, लेकिन अब एनडीए की सीटों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। बीजेपी ने इस चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कई सहयोगी दलों को शामिल किया और बड़े नेताओं को अपने पक्ष में लाने का प्रयास किया। खासकर जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के बड़े चेहरों को बीजेपी ने अपने साथ जोड़ा, जबकि कुछ बीजेपी के बड़े नेता जेएमएम के साथ चले गए थे। इस चुनावी जोड़-तोड़ से एनडीए के लिए सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
बीजेपी ने इस बार चुनावी एजेंडा में भ्रष्टाचार, रोजगार, और आदिवासियों के मुद्दे को प्रमुख बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समुदाय की घटती संख्या और उनकी भलाई के लिए उठाए गए कदमों पर जोर दिया। बीजेपी ने आदिवासियों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की, जो फिलहाल रुझानों में असर दिखा रहे हैं।
राजमहल सीट पर बीजेपी के अनंत कुमार ओझा की बढ़त बनी हुई है। वह इस सीट से विधायक भी हैं और उनके सामने कांग्रेस के मोहम्मद ताजुद्दीन हैं, जो फिलहाल पीछे चल रहे हैं। अन्य सीटों की बात करें तो एनडीए ने राज्य के विभिन्न प्रमंडलों, जैसे उत्तरी छोटा नागपुर, दक्षिणी छोटा नागपुर और प्लामू प्रमंडल में अपनी बढ़त बनाते हुए बढ़ते रुझानों के साथ मजबूत स्थिति बनाए रखी है।


















