नीट और जेईई प्रवेश परीक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी है। शिक्षा मंत्रालय की समिति ने बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज देने और साल में कई बार परीक्षा कराने का प्रस्ताव तैयार किया है।
NEET JEE Exam Pattern नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं, नीट और जेईई, के मौजूदा स्वरूप में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित नौ सदस्यीय समिति प्रवेश प्रक्रिया में बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज देने समेत कई महत्वपूर्ण सुधारों पर विचार कर रही है। समिति अगले कुछ सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह पहल छात्रों की एकमात्र प्रवेश परीक्षा पर निर्भरता कम करने, मानसिक दबाव घटाने और हाल के वर्षों में सामने आई प्रश्नपत्र लीक तथा मूल्यांकन संबंधी अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
NEET JEE Exam Pattern:बोर्ड परीक्षा के अंकों को मिल सकता है 50 प्रतिशत वेटेज
प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक भारांक दिया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था में बोर्ड परीक्षा के अंक केवल न्यूनतम पात्रता तक सीमित हैं, जबकि अंतिम चयन मुख्य रूप से प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर होता है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो छात्रों के समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन को भी प्रवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा।
Key Highlights:
नीट और जेईई प्रवेश परीक्षा के स्वरूप में बड़े बदलाव की तैयारी।
बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत तक वेटेज देने पर विचार।
छात्रों को साल में कई बार परीक्षा देने का मिल सकता है मौका।
प्रवेश परीक्षाओं को स्कूल पाठ्यक्रम के अधिक अनुरूप बनाने का प्रस्ताव।
शिक्षा मंत्रालय की समिति जल्द सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
NEET JEE Exam Pattern:स्कूल पाठ्यक्रम के अनुरूप होंगी प्रवेश परीक्षाएं
शिक्षा मंत्रालय की समिति ने सिफारिश की है कि प्रवेश परीक्षाओं को स्कूल के पाठ्यक्रम के अधिक अनुरूप बनाया जाए। इसका उद्देश्य कोचिंग संस्थानों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना और ‘डमी स्कूल’ संस्कृति पर अंकुश लगाना है।
समिति का मानना है कि जब परीक्षा का स्तर स्कूल शिक्षा से अधिक जुड़ा होगा, तो विद्यार्थियों को महंगी कोचिंग पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
NEET JEE Exam Pattern:साल में कई बार परीक्षा और ऑन-डिमांड टेस्ट का प्रस्ताव
सुधारों के तहत छात्रों को वर्ष में एक से अधिक बार परीक्षा देने का अवसर देने का भी प्रस्ताव है। इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से मांग के अनुरूप कंप्यूटर आधारित ऑन-डिमांड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल ये केवल प्रस्तावित सिफारिशें हैं। सरकार की ओर से अभी इन बदलावों को अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद ही केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
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