झारखंड सरकार ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय की नई नियमावली लागू की। अब प्राचार्य से शिक्षक तक की नियुक्ति JPSC से होगी, प्रवेश परीक्षा दो चरणों में ली जाएगी।
Netarhat Residential School Recruitment 2025: रांची: झारखंड के प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय में अब शिक्षकों और प्राचार्य की नियुक्ति पारदर्शी प्रक्रिया से होगी। राज्य सरकार ने इसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को सौंप दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने “नेतरहाट आवासीय विद्यालय सेवा शर्त नियमावली 2025” तैयार कर दी है। इसके तहत प्राचार्य, उप-प्राचार्य, सह-अध्यापक, स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक और स्नातक प्रशिक्षित अध्यापक की नियुक्ति लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर की जाएगी।
Key Highlights
नेतरहाट आवासीय विद्यालय में अब प्राचार्य से शिक्षक तक की नियुक्ति JPSC (Jharkhand Public Service Commission) के माध्यम से होगी।
प्रवेश परीक्षा दो चरणों में, सभी प्रश्न होंगे वस्तुनिष्ठ (Objective Type)।
संथाली, हो, कुडुख, कुरमाली जैसी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों के पद सृजित।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने तैयार की सेवा शर्त नियमावली 2025।
यह नियमावली अब दुमका, चाईबासा, बोकारो और इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हजारीबाग पर भी लागू होगी।
Netarhat Residential School Recruitment 2025 :
साक्षात्कार 100 अंकों का होगा, जबकि लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों की विषयगत योग्यता और शिक्षण क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। अब तक विद्यालय में शिक्षक अनुबंध (Contract Basis) पर नियुक्त होते थे और चयन की प्रक्रिया विद्यालय कार्यकारिणी द्वारा की जाती थी।
नई नियमावली में प्रवेश प्रक्रिया भी बदली गई है। अब छात्रों के नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा दो चरणों में होगी और इसे झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) या किसी अधिकृत एजेंसी द्वारा कराया जाएगा। परीक्षा के सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होंगे।
राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि स्थानीय भाषाओं और जनजातीय शिक्षा को बढ़ावा मिले। इसके तहत संथाली, हो, कुडुख, कुरमाली समेत अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षकों के नए पद सृजित किए गए हैं।
इस नियमावली का लाभ केवल नेतरहाट विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दुमका, चाईबासा, बोकारो में संचालित नेतरहाट तर्ज पर चलने वाले स्कूलों और इंदिरा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हजारीबाग पर भी लागू होगा।
फिलहाल राज्य में दुमका और चाईबासा में नेतरहाट मॉडल पर विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। नई नियमावली के लागू होने से इन विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
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