रांची: छठ महापर्व की शुरुआत के एक दिन पहले रांची रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी, जहां हर ओर यात्रियों का सैलाब दिखाई दे रहा था। प्लेटफॉर्म से लेकर सीढ़ियों तक पैर रखने की जगह नहीं थी। हजारों लोग, जिनमें महिलाएं, पुरुष, छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, अपने सिर पर बोरे, हाथ में बैग और बच्चों को कंधे पर उठाए बिहार जाने वाली ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे।
शाम 5:05 पर हटिया-गोरखपुर-संबलपुर मौर्या एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंचते ही यात्रियों में चढ़ने की होड़ मच गई। गेट पर इतनी भीड़ थी कि महिलाएं और बच्चे पीछे हटने पर मजबूर हो गए। जनरल बोगियों में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीटों से तीन गुना अधिक थी। स्थिति इतनी विकट थी कि कुछ यात्री आपातकालीन खिड़कियों से भी अंदर चढ़ते दिखे। हर बोगी में तिल रखने की भी जगह नहीं थी।

यह स्थिति केवल मौर्या एक्सप्रेस तक सीमित नहीं रही। दोपहर 2:25 बजे रांची-पटना जनशताब्दी और शाम 7:35 बजे हटिया-इस्लामपुर ट्रेन में भी यात्रियों का अत्यधिक दबाव देखने को मिला। सीट न मिलने के कारण कई यात्रियों को दरवाजों और खिड़कियों पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।

दरअसल, छठ पर्व के कारण बिहार जाने वाली सभी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी हो चुकी थी, और स्पेशल ट्रेनों की सीटें भी पहले ही फुल हो गई थीं। ऐसे में कई लोग जनरल बोगियों में सफर करने के लिए मजबूर थे। स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण आरपीएफ जवानों को भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे लगातार निर्देश देते रहे ताकि अफरातफरी में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। छठ महापर्व पर घर लौटने की चाह में रांची से बिहार की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में यात्रियों की अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली।



















